तीन दिन में विधायक मानें गलती, नहीं तो डॉक्टर देंगे सामूहिक इस्तीफा
शाहजहांपुर। मंगलवार निगोही पेंशन शिविर में एक व्यक्ति का गलत मेडिकल प्रमाण पत्र न बनाने की बात को लेकर भाजपा विधायक रोशनलाल वर्मा द्वारा सार्वजनिक तौर पर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आदित्य प्रकाश आर्या को अपमानित करने का मामला तूल पकड़ने लगा है। विधायक के व्यवहार से आहत जिला अस्पताल के सभी डॉक्टर एकजुट हो गए हैं। महिला व पुरुष अस्पताल के डॉक्टरों ने बुधवार को चेतावनी स्वरूप सामूहिक रूप से इस्तीफा पत्र सीएमओ को दे दिया। डॉक्टरों का कहना है कि विधायक ने तीन दिन में अपनी गलती नहीं मानी तो वह लोग काम बंद कर देंगे। इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। पहलेे तो सीएमओ डॉ. आरपी रावत ने डॉक्टरों को समझाने की कोशिश की, नहीं मानने पर बाद में डीएम अमृत त्रिपाठी ने जिला अस्पताल पहुंचकर सीडीओ से जांच कराकर न्याय का भरोसा दिलाया।
निगोही में पेंशन शिविर के दौरान डॉ. एपी आर्या के साथ हुई अभद्रता को लेकर यूं तो प्रशासन देर रात तक मामले को सुलझाने में लगा रहा, लेकिन बुधवार सुबह अस्पताल खुलने पर डॉ. आर्या जैसे ही अस्पताल पहुंचे, तो अस्पताल स्टाफ के लोगों ने उन्हें घेर लिया और मामले की जानकारी लेने के साथ ही प्रांतीय चिकित्सा संघ व जिला चिकित्सालय संघर्ष समिति के बैनर तले डॉ. ओपी गौतम की अध्यक्षता में जिला अस्पताल सभागार में बैठक बुला ली गई। इसमें डॉक्टरों ने घटना पर आक्रोश जताते हुए सामूहिक निर्णय लेते हुए कहा कि यदि तीन दिन में विधायक रोशनलाल ने अपनी गलती स्वीकार नहीं की और लिखित तौर पर यह आश्वासन नहीं दिया कि दोबारा चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार नहीं करेंगे, तो सभी चिकित्सक सामूहिक इस्तीफा देने को विवश होंगे। सामूहिक इस्तीफा दिए जाने की भनक लगते ही सीएमओ डॉक्टर आरपी रावत जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां डॉक्टरों ने अभद्रता से आहत और असुरक्षा का भाव जताते हुए उन्हें चेतावनी स्वरूप सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। इस पर सीएमओ ने डीएम अमृत त्रिपाठी को मामले से अवगत कराया तो वह भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल पहुंच गए। वहां डॉक्टरों को भरोसा दिलाया कि वह मामले की सीडीओ से जांच कराएंगे।
जिसमें उन्होंने घटना के समय मौके की परिस्थितियों का आंकलन कर डॉक्टर के साथ पूरा न्याय करने का भरोसा दिलाया।
ये था मामला
निगोही में मंगलवार को आयोजित पेंशन शिविर के दौरान विधायक रोशनलाल वर्मा एक आंख खराब मरीज का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे थे। विधायक मरीज को 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग दिखाते हुए प्रमाण पत्र जारी करने का दबाव नेत्र सर्जन एपी आर्या पर बना रहे थे। डॉक्टर ने शासनादेश का हवाला देते हुए 30 प्रतिशत दिव्यांग दिखाने की बात कही तो विधायक डाक्टर से भिड़ गए। अभद्रता की। इसके बाद डॉ. आर्या ने सीएमओ को अपना इस्तीफा दे दिया था।
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने चेतावनी स्वरूप तीन दिन में सामूहिक इस्तीफा देने का चेतावनी पत्र दिया है। जिससे डीएम को अवगत करा दिया गया है। डीएम ने सभी डॉक्टरों को न्याय के लिए आश्वस्त किया है। सभी डॉक्टर काम कर रहे हैं।
डॉ. आरपी रावत, सीएमओ
जिला अस्पताल पहुंच डाक्टरों से बात की है। पूरे मामले की सीडीओ से जांच कराएंगे। जिसमें घटना के समय मौके की परिस्थितियों का आंकलन किया जाएगा। डॉक्टर आर्या के साथ पूरा न्याय होगा।
अमृत त्रिपाठी, डीएम