शाहजहांपुर। चीनी मिलों में गन्ना पेराई का काम तेज होने के साथ क्रय केंद्रों से लेकर मिल गेटों पर गन्ना खरीद की रफ्तार भी बढ़ गई है। इसके साथ ही मिलों के पहुंच मार्गों पर गन्ना से लोड वाहनों के कारण सामान्य यातायात जाम होने की समस्या बढ़ गई है। माना जा रहा है कि चीनी मिलें अपनी भंडारण क्षमता से अधिक खरीद पर्चियां जारी कर मिल गेटों पर जाम की समस्या को विकराल बना रही हैं।
जाम में फंसा हरदोई रोड बाईपास
रौसर कोठी। बिरला ग्रुप की रोजा शुगर वर्क्स को लखनऊ-पलिया स्टेट हाईवे के हरदोई रोड बाईपास से लिंकअप किया गया है। गन्ना से लोड ट्रॉलियों की संख्या बढ़ जाने पर कतारें मेन स्टेट हाईवे का आधा हिस्सा घेर लेती हैं। मिल के गन्ना महाप्रबंधक बृजेश शर्मा ने बताया कि ट्राली यार्ड में सात हजार क्विंटल और ट्रक यार्ड में छह हजार क्विंटल गन्ना डंप करने की क्षमता है। पेराई लगातार जारी रहने से जाम की समस्या है।
लिपुलेख-भिंड स्टेट हाईवे पर निगोही क्रॉस करना कठिन
निगोही। लिपुलेख-भिंड स्टेट हाईवे पर यहां और पीलीभीत की ओर से आने-जाने वाले वाहनों के लिए निगोही में गिरगिचा स्थित डालमियां चीनी मिल के गन्ना से लोड वाहन बड़ी बाधा साबित हो रहे हैं। रास्ता जाम होने से रोड को क्रास करना बहुत ही कठिन कार्य है। मिल के गन्ना महाप्रबंधक आशीष त्रिपाठी के अनुसार गत वर्ष एक दिन की पर्चियों पर तौल अगले तीन दिन तक होती रही, लेकिन इस वर्ष किसान उसी तारीख पर गन्ना लेकर पहुंच रहे हैं, जिस तिथि की पर्चियां जारी हो रही हैं। जीएम केन के मुताबिक मिल के यार्ड में 450-500 ट्रालियां खड़ी करने की क्षमता है, लेकिन तौल में किसानों की जल्दबाजी रोड ट्रैफिक में रुकावट डाल रही है।
मकसूदापुर के पास रोजाना शाम को बंडा रोड हो रहा जाम
पुवायां। बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल पुवायां-बंडा रोड से थोड़ा फासले पर है। शाम करीब छह-सात बजे के समय रोड पर गन्ने से भरी बैलगाड़ियों और ट्रॉलियों की भरमार हो जाती है। इससे जाम लग जाता है।
केन यार्ड का विस्तार करने के मिल प्रबंधकों को निर्देश
चीनी मिलों के बाहर गन्ना लदे वाहनों से सड़कों पर लग रहे जाम की समस्या को डीएम अमृत त्रिपाठी ने गंभीरता से लेते हुए सभी चीनी मिल प्रबंधकों को अपने केन यार्ड का विस्तार करने और इसके लिए जरूरी होने पर किराये पर जमीन लेने के निर्देश दिए हैं। वाहनों को अनावश्यक रूप से सड़कों पर खड़े रखने पर रोक लगाने के लिए मिल अधिकारियों को पर्चियों के क्रमानुसार गन्ना की तौल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. खुशीराम, जिला गन्ना अधिकारी