मानदेय को लेकर आशा वर्करों ने लगाया जाम, किया प्रदर्शन
शाहजहांपुर। मानदेय बढ़ाए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर पांच दिन से धरने पर बैठीं आशा वर्करों व संगिनी काली पट्टी बांधकर शनिवार को सड़क पर उतर आईं। जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कई जगह जाम लगाने के बाद राजभवन पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया। यहां कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के नहीं मिलने पर सीएमओ ने तीन दिन का आश्वासन देकर शांत किया। आशा वर्कर्स का कहना है कि जब तक कैबिनेट मंत्री उन्हें धरना स्थल पर आकर उनकी मांगों को लेकर उचित आश्वासन नहीं देते, धरना जारी रहेगा।
आशा वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले चल रहे आंदोलन को धार देेने के लिए आशा वर्कर शनिवार सुबह 11 बजे खिरनी बाग स्थित जीआईसी खेल मैदान पर चल रहे धरना स्थल पर एकत्र हुईं और यहां से नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के कैंप कार्यालय राजभवन के लिए चल दीं। आशा वर्कर्स के हाथ में, सर जी हमको वेतन दो, नहीं तो कुर्सी छोड़ दो, हमको वेतन चाहिए आदि नारा लिखी पट्टिकाएं हाथ में थीं। आशा वर्करों ने पहले तो सुदामा चौराहे पर जाम लगाने की कोशिश की, फिर विकास भवन गेट पर बैठ गईं और जाम लगा दिया। यहां से उन्हें जैसे-तैसे हटाया गया तो सभी ने कचहरी तिराहे पर जाम लगा दिया। यहां पर सोसाइटी की जिलाध्यक्ष कमलजीत कौर की सीएमओ डॉक्टर आरपी रावत से मांगों को लेकर बहसबाजी हुई, जिसमें सीएमओ ने कहा कि वह उनकी मांगों को लेकर गंभीर हैं। यहां से आशा वर्कर्स कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के कैंप कार्यालय राजभवन पहुंची और यहां प्रदर्शन किया। कैबिनेट मंत्री के नहीं मिलने पर सीएमओ ने आश्वासन दिया कि वह तीन दिन में मंत्री से मिलकर समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
गश खाकर गिर गई आशा भारती
आशा वर्कर्स जिस समय नारेबाजी करते हुए कचहरी तिराहे पर प्रदर्शन कर रहीं थीं, उस समय जैतीपुर की आशा वर्कर गश खाकर गिर पड़ी। उन्हें साथी आशा वर्करों ने संभाला। मुंह पर पानी का छिड़काव करने के बाद उन्हें होश आया। इसके बाद भी वह काफी देर सड़क किनारे बैठीं रहीं। हालत में सुधार होने पर चलीं गईं।