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खुटार के गौ सेवा ट्रस्ट में जिंदा गायों को नोच रहे कौए और कुते

cow - फोटो : amar ujala
बीमारी, भूख और जानवरों के नोचने से हो रही गायों की मौत

नरक से कम नहीं है गांव रायपुर में खोली गई गौशाला

खुटार। खुटार के गांव रायपुर पटियात में गौ सेवा ट्रस्ट के नाम से खोली गई गौशाला गायों के लिए नरक से कम नहीं है। यहां बीमार और असहाय गायों को जीवित अवस्था में ही कुत्ते और कौए नोंचकर खा जाते हैं। मरी हुई और असहाय गायों को पास ही खेतों और जंगल के किनारे डाल दिया जाता है, जिससे आसपास के किसान भी परेशान हैं और बदबू के कारण खेतों में काम करने के लिए श्रमिक नहीं मिलते हैं।
लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व गांव रायपुर पटियात के मनोज वर्मा ने गांव में ही गो सेवा ट्रस्ट के नाम से गौशाला खोली थी। यहां कोई व्यक्ति अपना पशु छोड़ने आता है तो उससे 501 रुपये की रसीद काटी जाती है और यदि कोई भी व्यक्ति पशु ले जाता है तो उसे भी गौशाला को दान देना पड़ता है। इस राशि से पशुओं को चारा आदि की व्यवस्था की जाती है। इसके अलावा लोगों से दान लेकर भी चारे आदि की व्यवस्था की जाती है। वर्तमान समय में गौशाला में 107 पशु हैं। इन पशुओं के रहने के लिए एकमात्र छप्पर पड़ा हुआ है।

भीषण सर्दी में तमाम पशु बीमार होकर असहाय हो जाते हैं और गौशाला परिसर में पड़े रहते हैं। पशुओं की देखभाल के लिए दो लोग गौशाला में तैनात हैं, ये सुबह होते ही पशुओं की पास के जंगल में हांक देते हैं। बीमार और चलने में असमर्थ कुछ पशु तो जंगल से वापस ही नहीं आ पाते हैं और रात में सियार सहित अन्य वन्य पशु उन्हें जिंदा ही नोंचकर खा जाते हैं। रविवार को गौशाला पहुंचने पर यहां पड़ी एक बीमार और चलने में असमर्थ गाय दिखी जिसकी आंख को कौए खा गए थे। दो गायें मृत पड़ी मिलीं और गौशाला से कुछ ही दूर पड़ी एक जिंदा गाय को कुत्ते नोच कर खा रहे थे।
गौशाला के नाम पर नरक जैसी जगह पर पड़े पशुओं के बारे में गौशाला में मिले दो लोगों से पूछा गया तो उन्होंने अपना नाम बताने से इंकार करते हुए कहा कि वह कोई जानकारी नहीं दे सकते हैं। बताया कि गायों के लिए केवल भूसे की व्यवस्था ही है। गौशाला में डॉक्टर, दवा, हरे चारे और दाने आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। गौशाला के लोगों ने कहा कि कार्रवाई उन पर होनी चाहिए जो पशुओं को यहां छोड़ जाते हैं।

परेशान है गौशाला के पास खेतों वाले किसान
खुटार। गांव रायपुर पटियात में जिस स्थान पर गौशाला खोली गई है उसके आसपास के खेतों वाले किसान बेहद परेशान हैं। किसानों का कहना है कि गौशाला के लोग बीमार और दुर्बल गायों को खेतों के पास फेंक देते हैं। गायों को कुत्ते और कौए नोच कर खा जाते हैं। गौशाला के पास जंगल में भी तमाम गायों के कंकाल पड़े हैं, जिससे बदबू के कारण खेतों में काम करने के लिए श्रमिक नहीं मिल पाते हैं। शिकायत करने पर गौशाला के लोग झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं।

भीषण सर्दी में खुले मैदान में पड़े रहते हैं पशु
खुटार। गांव रायपुर पटियात में खुली गौशाला में पशुओं के बैठने के लिए एक छप्पर और कुछ बरसाती तनी होने के अलावा कोई व्यवस्था नहीं है, जिस कारण पशुओं को खुले मैदान में रहना पड़ता है। भीषण सर्दी के कारण तमाम पशु बीमार पड़ जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है।

फोन ही नहीं उठाते अध्यक्ष
खुटार। गौशाला में पशुओं की दुर्दशा जीवित पशुओं का कुत्तों आदि के नोचने के मामले में गौशाला के अध्यक्ष मनोज वर्मा से बात करने के लिए उनके मोबाइल पर कई बार कॉल की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव हीं नहीं किया।
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तत्काल होगी कार्रवाई
गौशाला में पशुओं की मौत की तत्काल जांच कराई जाएगी और यदि गौशाला में पशुओं की मौत हो रही है, पशुओं को कुत्ते, कौए नोच रहे हैं तो संचालकों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
मोइनुल इस्लाम एसडीएम पुवायां
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