पुवायां (शाहजहांपुर)। रायबरेली के एनटीपीसी थर्मल पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 30 श्रमिकों की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद अन्य जगहों पर लगे बॉयलरों की सुरक्षा को लेकर आशंकाए उठने लगी हैं। जिस बॉयलर से अब तक कर्मचारियों को कोई डर नहीं लगता था वही बॉयलर अब उन्हें ऐसे दैत्य के समान लगने लगा है जो कभी भी इंसानी जिंदगी खत्म कर सकता है।
पुवायां तहसील क्षेत्र में लगभग एक दर्जन छोटी, बड़ी फैक्ट्रियों में बॉयलर लगे हुए हैं। कारण यह है कि बॉयलर से बिजली बनाने और इससे कारखाने को चलाना बिजली, जनरेटर आदि के मुकाबले काफी सस्ता पड़ता है। यही कारण है कि कुछ वर्ष पहले तक जो चीनी मिलें, क्रेशर, राइस मिल बिजली और जनरेटर से चलते थे वह अब बॉयलर से चल रहे हैं। कारखाना मालिकों ने अपने लाभ के लिए बॉयलर तो लगवा लिए, लेकिन तमाम कारखानों में सुरक्षा इंतजामों पर कोई गौर नहीं किया जाता है।
बजाज चीनी मिल में बनती है 28 मेगावट बिजली
बजाज चीनी मिल मकसूदापुर में 45 टन क्षमता के दो बॉयलर लगे हुए हैं। दोनों बॉयलर एक घंटे में 90 टन स्टीम तैयार करते हैं, जिससे टरबाइन चलाई जाती है। टरबाइन से 28 मेगावाट पावर बनाई जाती है। 10 मेगावाट बिजली से पावर और शुगर प्लांट चलाया जाता है। 15 मेगावाट बिजली की बिक्री कर दी जाती है। यह बॉयलर गन्ने की बैगास से चलाया जाता है। यहां काम कर रहे कर्मचारी हेलमेट तो लगाते हैें, लेकिन बाकी सुरक्षा उपकरण उनके पास नहीं हैं।
बिना हेलमेट दिखे कर्मचारी
पुवायां के किसान सहकारी चीनी मिल में 20-20 टन के दो और तीस टन का एक बॉयलर है। तीनों बॉयलर चलाने के लिए दस कर्मचारी लगे हुए हैं। कर्मचारी हेलमेट तो लगाते हैं, लेकिन गर्म पानी आदि से बचने के लिए वर्दी आदि की व्यवस्था नहीं है। जीएम कमल श्रीवास्तव का कहना है कि सुरक्षा के सारे इंतजाम उपलब्ध है। बॉयलर को चेक कराया जाता रहता है। अग्निशमन सहित सुरक्षा के सभी इंतजाम हैं।
दो अग्निशमन यंत्रों से सुरक्षा का दावा
पुवायां में बंडा रोड पर रतनलाल राजेंद्र प्रसाद खांडसारी लिमिटेड गन्ना क्रेशर है। यहां लगे 15 टन के बॉयलर पर कुल आठ कर्मचारी काम करते है। बॉयलर चलाने वाले सुनील कुमार ने बताया कि सुरक्षा के कारण बिना इजाजत किसी व्यक्ति को बॉयलर वाले क्षेत्र में आने नहीं दिया जाता है। मौके पर मात्र दो छोटे अग्निशमन यंत्र लगे मिले जो आपदा के समय ऊंट के मुंह में जीरा ही साबित होंगे। बॉयलर पर काम करने वाले बिना हेलमेट, साधारण, जूतों और कपड़ों में काम कर रहे थे।
बिना वर्दी के काम कर रहे कर्मचारी
खुटार। खुटार के श्रीराम खांडसारी उद्योग में 15 टन का बॉयलर है। यहां 12 से 14 लोग काम करते हैं। काम कर रहे लोग बिना वर्दी के मिले और जूते भी साधारण किस्म के थे। कर्मचारियों ने हेलमेट भी नहीं लगा रखा था। आग बुझाने के भी खास इंतजाम नहीं थे। बॉयलर इंचार्ज महेश श्रीवास्तव ने बताया कि आग बुझाने के यंत्र उपलब्ध हैं। वायलर बैगास से चलता है। तीन सेफ्टी वाल्व लगे हैं। वैसे अंडरलोड ही चलता है, अगर कभी ओवरलोड हो तो सेफ्टी वाल्व प्रेशर बढ़ने से पहले ही अपना काम शुरू कर देते हैं।