शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे को फोरलेन बनाने मेें एनएचएआई की कार्यदायी संस्था एरा कांस्ट्रक्शन्स लिमिटेड की ढ़िलाई पर को लेकर पश्चिमी उप्र उद्योग व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारियों ने सोमवार को फिर कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। बाद में संगठन के पदाधिकारियों का शिष्टमंडल डीएम नरेंद्र कुमार सिंह से मिला और उन्हें अमर उजाला में प्रकाशित खबर की कटिंग समेत प्रधानमंत्री व सड़क परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन देकर फोरलेन निर्माण कार्य जल्द शुरू नहीं होेने पर आंदोेलन की चेतावनी दी।
बता दें कि एनएच-24 को फोरलेन के लिए बरेली-सीतापुर के बीच हाईवे कई जगह खोदकर असमतल कर दिया गया है। जगह-जगह डिवाइडर और डायवर्जन संकेत लगे होने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। हाईवे किनारे स्थित दुकानदारों को धूल-मिट्टी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों की इसी समस्या को देखते पश्चिमी व्यापार मंडल की ओर से 19 अगस्त 2015 से ज्ञापन देने शुरू किए गए। गत वर्ष 16 मार्च व 30 नवंबर और इस वर्ष 19 जुलाई को ज्ञापन दिए जा चुके हैं।
सोमवार को दिए ज्ञापन में फोरलेन निर्माण कार्य तेज कराने के साथ हुलासनगरा रेलवे ओवरब्रिज जल्द बनाए जाने, निर्माण में प्रयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता जांच कराने, सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित परिवार को मुआवजा देने के साथ कार्यदायी संस्था के अधिकारियों पर एफआईआर कराने आदि मांगों का उल्लेख किया गया है। डीएम ने कहा कि प्रकरण प्रधानमंत्री और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री के संज्ञान में होने के कारण बारिश थमते ही निर्माण कार्य तेज करा दिया जाएगा। इस मौके पर पीके पांडेय, मुन्नी लाल मिश्रा, राजेश शुक्ला, शिवप्रसाद पांडेय, सुरेंद्र पाल सिंह, देव गिरि भंडारी, केएम वर्मा, हरिनंदन शर्मा, शब्बीर उल हक, काशीनाथ चौबे, अभिषेक अग्निहोत्री, प्रेमशंकर अवस्थी आदि मौजूद रहे।
अमर उजाला की खबर से मिला हौसला
प्रशासन इस मांग को आश्वासन देकर टालता रहा। गत छह अगस्त को अमर उजाला ने इस समस्या पर फोटो सहित विस्तृत कवरेज देने के साथ मंडल के जन प्रतिनिधियों की जवाबदेही भी तय की। इससे व्यापारियों को अपनी बात कहने का फिर हौसला मिला। अमर उजाला में प्रकाशित खबर की कटिंग डीएम को उपलब्ध कराते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष उमेश चंद्र पाठक ने उन्हें ज्ञापन सौंपा।