शाहजहांपुर। डेंगू लार्वा मिलने के बाद जुर्माना लगाने और नोटिस दिए जाने से खफा आइएमए के बैनर तले डॉक्टरों ने सीएमओ का घेराव कर विरोध जताया। इस दौरान आईएमए अध्यक्ष डॉ. दीपा सक्सेना की डिप्टी सीएमओ से जमकर नोंकझोंक हुई।
बुधवार को ग्यारह बजे के करीब सीएमओ कार्यालय में आईएमए अध्यक्ष डॉ. दीपा सक्सेना के नेतृत्व में शहर के लगभग सभी डॉक्टर पहुंच गए। इस दौरान सीएमओ डॉ. आरपी रावत से आईएमए अध्यक्ष ने डॉ. वाईके सिंह के अस्पताल में डेंगू लार्वा मिलने पर दिए गए नोटिस पर आपत्ति जताई। डॉ. सक्सेना ने कहा कि नोटिस में दफ ा 188 के तहत कार्रवाई की बात कही गई। इससे डॉक्टरों में रोष है।
इस मौके पर डॉक्टरों ने सीएमओ से कहा कि डेंगू के लार्वा न तो हम डॉक्टरों ने पाले हैं न ही नगर के लोगों ने। जब नाले नालियों की सफाई पर पूरा व्यय हो रहा उसके बाद भी सफाई नहीं हो पा रही है तो मच्छर पनपना स्वाभाविक है। डॉ. दीपा ने आरोप लगाया कि यह डीएमओ की ड्यूटी है कि लोगों को मच्छरों और उनसे जनित बीमारियों से बचाव के जागरूक करने के लिए होर्डिंग लगवाएं। यह काम मार्च के शुरुआत से करना चाहिए। अब सीजन के अंत में धारा 188 का भय दिखाकर अपमानित करने से कोई फायदा नहीं है। आईएमए के पदाधिकारियों ने कहा कि जिले में झोला छाप डॉक्टर क्लीनिक और पैथोलॉजी धड़ल्ले से चल रहीं हैं। उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस पर सीएमओ डॉ.आरपी रावत ने नोडल अधिकारी डॉ. नरेश पाल को बुलवाया। डॉ. पाल ने एक पैथोलॉजिस्ट द्वारा कई लैब पर बैठने का आरोप लगाया। इस पर आईएमए अध्यक्ष की नोडल अधिकारी से जमकर नोकझोंक हुई अंत में नोडल अधिकारी ने सूची मंगाकर दिखाई तब डॉक्टर्स शांत हुए। इस मौके पर डॉ. यूडी कपूर, डॉ. अनूप अग्रवाल, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. नीना सिंह, डॉ. परविंदर सिंह, डॉ. अरविंद किशोर वर्मा, डॉ. वसीम हसन, डॉ. प्रमोद अग्रवाल, डॉ. विकास टंडन, डॉ. संजीव सिंह, सोमशेखर दीक्षित मौजूद रहे।