फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एपी आर्य स्वाइन फ्लू की चपेट में

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। जिला अस्पताल में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एपी आर्या को स्वाइन फ्लू हो गया है। वह देहरादून से वापस लौटे तो सर्दी-जुकाम बुखार हो गया। इसके बाद बुखार दवा लेने के बाद भी सही नहीं हुआ तो उन्हें लखनऊ केजीएमसी में भर्ती कराया गया, जहां जांच में उन्हें स्वाइन फ्लू बताया गया है, वहीं यहां जिला अस्पताल में अलर्ट जारी कर दिया गया है। हालांकि जिले में स्वाइन फ्लू का कोई मरीज नहीं है, फिर भी जिला अस्पताल में अलग से वार्ड बना दिए गए हैं।
विज्ञापन

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एपी आर्या अपनी मां का इलाज कराने देहरादून गए थे। वहां वह 15 दिन तक रहे। इसके बाद यहां लौटने पर उन्हें तेज ठंड के साथ बुखार की शिकायत हुई तो उन्होंने बुखार की टेबलेट ले ली, लेकिन उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। लगातार बुखार बने रहने की वजह से जब उन्हें कमजोरी का भी अहसास हुआ तो उन्होंने जिला अस्पताल पैथोलॉजी में ब्लड टेस्ट कराया, लेकिन बुखार क्यों आ रहा है, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई, तब साथी डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू की आशंका जताते हुए उन्हें लखनऊ स्थित केजीएमसी में इलाज कराने की सलाह दी। जहां जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मिला। इस पर उन्हें केजीएमसी में अलग वॉर्ड में रखा गया है। इसकी पुष्टि सीएमएस डा. एपी गंगवार ने की है। डॉ. एपी आर्या के स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर सीएमएस डॉ. एमपी गंगवार ने जिला अस्पताल में भी अलर्ट घोषित करते हुए जरूरी दवाइयां भी रख ली गई हैं। अलग से वार्ड भी बना दिए गए हैं।

मलेरिया जकड़ रहा लोगों को
पैथोलॉजी में बुधवार को 1021 लोगों के ब्लड की जांच की गई। इनमें शुगर के 77, मलेरिया के 43, केएफसी के 45,एलएफसी के 46 मरीज पाँजिटिव पाए गए।

स्वाइन फ्लू के लक्षण
बुखार, तेज बुखार, गला खराब हो जाना, मांस पेशियों में दर्द होना, तेज सिर दर्द होना, खांसी आना, कमजोरी महसूस करना

ऐसे करें बचाव
-बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोएं
-छींक या खांसी आए तो मुंह पर रुमाल रख लें
-इस्तेमाल किए गए रुमाल को नष्ट कर दें
-दरवाजे के हैंडल को भी स्वच्छ रखें

हर वक्त रहें सचेत
हर बार कुछ न कुछ स्पर्श करने पर कीटाणु हाथ में लग जाते हैं। इन्हीं मैले हाथों से आंख, नाक, मुंह छूने से अपने ही हाथों के जरिये कीटाणुओं का हस्तांतरण हो सकता है।
विज्ञापन


नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एपी आर्या मां का इलाज कराने देहरादून गए थे। वहां 15 दिन रहने के दौरान वह स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए। उनका लखनऊ स्थित केजीएमसी में इलाज चल रहा है। उन्हें स्वास्थ्य लाभ हो रहा है। उनके परिवार को स्वाइन फ्लू से बचाव को दवा दे दी गई है। संभावित स्वाइन फ्लू को लेकर यहां जिला अस्पताल में अलग से वार्ड बना दिए गए हैं, दवाइयां भी रखी गईं हैं।
विज्ञापन

डॉ. एमपी गंगवार, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें