शाहजहांपुर। पहाड़ समेत मैदानी क्षेत्रों में हुई भारी वर्षा के कारण पानी से लबालब हुए बांधों-बैराजों को दरकने से बचाने के लिए नदियों में अतिरिक्त पानी की निकासी बढ़ा दी गई है। शुक्रवार को नरौरा बैराज से सीजन में सवार्धिक 95509 क्यूसेक पानी रिलीज होने के कारण प्रशासन जिले से होकर बहने वाली गंगा और उसकी सहायक रामगंगा में संभावित बाढ़ को लेकर सतर्क हो गया है। इस बीच, दिन भर बारिश का दौर थमा रहने और कड़ाके की धूप खिलने से गर्मी ने खूब कहर बरपाया।
गत एक सप्ताह से नरौरा बैराज से गंगा में रोजाना औसतन 15-50 हजार क्यूसेक पानी बहाया जा रहा था, लेकिन आज सुबह वहां पानी का फ्लो बढ़कर 75592 क्यूसेक हो गया। यही नहीं, शाम को नरौरा से रिलीज हो रहे पानी की मात्रा और बढ़ा दी गई। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचनाओं के अनुसार दो दिन से गंगा का जलस्तर जिले के भैंसार बांध पर 141.55 मीटर और कछला (बदायूं) में 162.20 मीटर पर स्थिर था। शुक्रवार को सुबह भैंसार बांध पर जल स्तर में पांच सेमी की कमी दर्ज की गई, लेकिन सुबह से भारी मात्रा में बहाए जा रहे अतिरिक्त पानी से गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में अगले 48 घंटे में बाढ़ आनी तय मानी जा रही है। सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार नरौरा से जलालाबाद तक पानी पहुंचने में 60-70 घंटे का वक्त लगता है, क्योंकि बीच में पानी बदायूं में फैलाव लेने पर उसके बहाव की रफ्तार कम हो जाती है।
उन्होंने बताया कि चौबारी (बरेली) में रामगंगा का जल स्तर गत 24 घंटे की तुलना में 78 सेमी कम हुआ, लेकिन गंगा में पानी चढ़ने पर रामगंगा भी चढ़ जाती है। इधर, ड्यूनी डैम से एक दिन पहले छूटे पानी से गर्रा 20 सेमी चढ़कर 144.30 मीटर तक पहुंच गई है। क्षेत्र में बारिश थमी रहने से खन्नौत पांच सेमी घटकर 142.65 मीटर पर आ गई है।