पुवायां मंडी में सेंटर पर अभिलेख देखते विशेष सचिव अभिषेक गोयल। संवाद
पुवायां (शाहजहांपुर)। उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव अभिषेक गोयल ने सोमवार को मंडी में गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अब केंद्रों पर किसानों का दो सौ क्विंटल तक गेहूं बिना सत्यापन के तौला जाएगा।
विशेष सचिव ने कहा कि पहले पंजीकरण के बाद किसानों का सौ क्विंटल तक गेहूं बिना सत्यापन के खरीदा जाता था। नए आदेश से किसानों को काफी सहूलियत होगी। बताया कि शाहजहांपुर में लक्ष्य के सापेक्ष 19 प्रतिशत खरीद हो चुकी है। इसे और बढ़ाया जाएगा। इससे पहले उन्होंने हरदोई, रोजा मंडी और पुवायां में भी मंडी का भी निरीक्षण किया। खरीद में जो समस्याएं आ रही हैं, उनमें सुधार कराने की बात कही। इस दौरान शाहजहांपुर रोजा मंडी के एएमओ रामकैलाश सोनकर, पीसीएफ के जिला प्रबंधक जसबीर सिंह, यूपीएसएस के प्रवीण सोनकर, सचिन कुमार सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
गांवों में भ्रमण कर किसानों को बुलाएं
विशेष सचिव ने पुवायां में आरएफसी के केंद्रों का भी निरीक्षण किया। कहा कि गेहूं खरीद को और बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव मेंं भ्रमण कर किसानों को केंद्र पर गेहूं लाने के लिए प्रेरित करें। ऐसे किसानों को भी चुना जाए, जिन्होंने कभी केंद्र पर गेहूं नहीं बेचा है। विशेष सचिव ने यहां चल रही तौल को भी देखा। केंद्र प्रभारियों ने उन्हें बताया कि जमौर में गेहूं उतारने में उन लोगों को समस्या आ रही है। एक ट्रक गेहूं उतारने में चार से पांच दिन लग जाते हैं। विशेष सचिव ने समस्या का निराकरण कराने का आश्वासन दिया।
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पहले 100 क्विंटल से अधिक गेहूं लाने पर यह थी प्रक्रिया
किसानों को अभी तक सौ क्विंटल से अधिक गेहूं केंद्र पर लाने पर ऑनलाइन पंजीकरण का तहसील से सत्यापन कराना होता था। लेखपाल रिपोर्ट लगाते थे कि किसान जितना गेहूं लाया है, उतनी उपज भर का उसके पास खेत है और खेत में गेहूं की फसल ही बोई थी। बटाईदार आदि के गेहूं लाने पर इसका भी सत्यापन कराना होता था। सत्यापन रिपोर्ट के बाद ही तौल की जाती थी। अब दो सौ क्विंटल से अधिक गेहूं लाने पर सत्यापन कराना होगा।