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गन्ना पर्ची न मिलने पर चीनी मिल गेट पर हंगामा

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तिलहर (शाहजहांपुर)। चीनी मिल गेट के गन्ना किसानों को पर्चियां न मिलने से आक्रोशित गन्ना किसानों ने गेट को बंद करके प्रदर्शन किया। इस दौरान मिल प्रबंधक सहित अधिकारियों को मिल के अंदर नहीं घुसने दिया। मिल प्रबंधक और गन्ना अधिकारी ने मिल गेट पर पहुंचकर किसानों से वार्ता करके आंदोलन को समाप्त कराया।
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मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे किसान चीनी मिल गेट पर पहुंचे और मिल गेट को ट्रैक्टर लगाकर बंद कर दिया। सूचना पर चीनी मिल प्रबंधक अतुल खन्ना और गन्ना अधिकारी एसके श्रीवास मिल के अंदर जाने के लिए जब गेट पर पहुंचे तब आंदोलित किसानों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। किसानों ने नारेबाजी के बीच अधिकारियों से कहा कि सभी मिल गेट के किसान गन्ना पर्ची न मिलने से परेशान है जबकि गांव में चल रहे गन्ना सेंटरों पर माफिया की मिलीभगत से पर्चियां पहुंच रही हैं। आरोप लगाया कि मिल गेट पर पहला कालम चल रहा है, जबकि गन्ना सेंटरों पर चार से पांच कालम तक समाप्त हो चुके हैं। मिल गेट के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामला तूल पकड़ते देख प्रबंधक किसानों को समझा बुझाकर गेस्ट हाउस पर ले आए। यहां करीब डेढ़ घंटे तक मिल प्रबंधक और गन्ना अधिकारी किसानों से वार्ता करते हुए मिल के एट गेट से सट्टा वापस सेंटरों पर लिए जाने, इंडेंट बढ़ाने और ओवरवेट पर्ची न काटने को लेकर किसानों समझौता हो गया। समझौता वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त हो गया। इस दौरान चीनी मिल के निदेशक साजिद अली सहित कई लोग मौजूद रहे।

बोले जिम्मेदार
मिल गेट का सट्टा 20.24 लाख क्विंटल है जबकि 25 सेंटरों का सट्टा 15.36 लाख क्विंटल है। 70 और 30 के अनुपात में पर्चियां जारी की जा रही है। अब तक 4.61 लाख क्विंटल गन्ना मिल गेट से 3.10 लाख क्विंटल गन्ना सभी सेंटरों से खरीदा गया है, लगाए जा रहे आरोप निराधार है।
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एके श्रीवास,चीनी मिल गन्ना अधिकारी

मिल गेट का एरिया बहुत बड़ा है उसी के अनुपात से गन्ना पर्चियां दी जा रही है। मिल गेट पर पहला कालम लगभग समाप्ति की ओर है और गांवों में खोले गए गन्ना सेंटर का एरिया कम होने के कारण वहां कालम अधिक हो चुके हैं। समान अनुपात में ही कार्य हो रहा है। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। किसानों की मांग पर एट गेट का सट्टा वापस सेंटरों पर लिया जा रहा है। ओवरवेट पर्ची न काटने को लेकर जिला गन्ना अधिकारी किसानों ने पत्र लिखा है।
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अतुल खन्ना, मिल प्रबंधक
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