गैर इरादतन हत्या के मामले में सात वर्ष की कैद
वर्ष 2001 में बंडा के अल्हादादपुर में हुई थी घटना
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। बंडा क्षेत्र के गांव अल्हादादपुर में वर्ष 2001 में हुई गैर इरादतन हत्या के एक मामले में सुनवाई करते हुए अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने आरोप सिद्ध होने पर एक अभियुक्त को सात वर्ष की कैद व 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
गांव अल्हादादपुर निवासी रतिराम की गांव के ही सुनील कुमार से 14 अगस्त 2001 को शाम चार बजे कहासुनी हो गई थी। इस पर सुनील ने रतिराम को गाली-गलौज करते हुए लाठी से पीट-पीटकर बेदम कर और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट रतिराम के पिता रामभरोसे की ओर से शाम छह बजे मारपीट आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। पिटाई के दौरान रतिराम को सिर व गर्दन के बीच आईं चोटों के कारण अगले दिन बंडा अस्पताल में मौत हो गई। रतिराम की मौत के बाद पुलिस ने गैर इरादतन हत्या में मामला तरमीम कर दिया। विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय को भेज दिया। कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील सुनील कुमार सिंह की ओर से प्रस्तुत छह गवाहों के बयान सुनने व बचाव पक्ष के तर्कोँ को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी मुरली को दोषी पाते हुए उसे सात वर्ष की कैद व 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।