छत से भगाने के दौरान बंदरों ने अधेड़ पर हमला कर दिया। इससे वह छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के लिए शाहजहांपुर ले जाते समय घायल ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
मोहल्ला छावनी निवासी 55 वर्षीय विशंभर दयाल के दो पुत्र देवीप्रसाद और भगवान दास दिल्ली में रहते हैं। पत्नी की कई वर्ष पूर्व मौत हो जाने के चलते वह घर में अकेले ही रहते थे। बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे विशंभर दयाल खाना बना रहे थे। इस दौरान मकान की छत पर बंदरों की टोली आ पहुंची। वह बंदरों को भगाने छत पर गए तो बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। बंदरों के हमले के कारण विशंभर दयाल छत से नीचे जा गिरे और गंभीर घायल हो गए।
मोहल्ले के लोगों ने उन्हें पुवायां के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। शाहजहांपुर ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। विशंभर दयाल की मौत की सूचना उनके पुत्रों को दे दी गई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।