शाहजहांपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों से साठगांठ कर अवकाश पर चले जाने और बाद में वापसी करने पर पंजिका में हस्ताक्षर करने का एक मामला बीएसए ने पकड़ा है। इस कृत्य में संबंधित शिक्षिका और उसके साथ कूट रचना करने वाले एनपीआरसी को बीएसए ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारियों, बीआरसी और एनपीआरसी की साठगांठ से तमाम शिक्षक स्कूलों में नहीं जाते। सुदूरवर्ती देहात क्षेत्रों में शिक्षक-शिक्षिकाएं अवकाश का प्रार्थना पत्र देकर चले जाते हैं। बाद में जब इस बात से वह वाकिफ हो जाते हैं कि उनके स्कूल में कोई निरीक्षण नहीं हुआ है तो वह पंजिका पर हस्ताक्षर कर अवकाश बचा लेते हैं। ऐसी एक शिकायत पर बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी तिलहर ने उच्च प्राथमिक स्कूल शेरपुर उर्फ शेरगढ़ का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में पाया गया कि शिक्षिका मीनाक्षी देवी एक से 18 अगस्त तक चिकित्सा अवकाश पर थीं और 19 अगस्त को उन्होंने स्कूल की पंजिका पर अवकाश कि दिनों में हस्ताक्षर कर दिए। हद तो तब हो गई जब एनपीआरसी झांझन लाल ने उनकी उपस्थिति प्रमाणित कर दी। बीएसए का कहना है कि इससे साबित होता है कि प्रभारी एनपीआरसी और इंचार्ज प्रधान अध्यापक उच्च प्राथमिक स्कूल तालवीपुर दियुरिया की संबंधित शिक्षिका से दुरभि संधि है। वह प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। बीएसए ने शिक्षिका मीनाक्षी देवी और झांझन लाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर खंड शिक्षा अधिकारी कटरा-खुदागंज को जांच सौंप दी है।