कुएं में गिरकर चार वर्षीय मासूम की मौत
जैतीपुर (शाहजहांपुर)। वैवाहिक समारोह में शामिल होकर पैदल लौट रहे पिता-पुत्र रात के अंधेरे में कुएं में गिर गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में मौजूद ग्रामीणों ने कुएं से युवक को तो निकाल लिया, लेकिन उसके चार वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। बच्चे की मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं।
क्षेत्र के गांव जिगनिया निवासी 42 वर्षीय शिवराज अपने चार वर्षीय पुत्र गौरव को साथ लेकर लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित गांव करकौर निवासी महेश के घर लड़की के विवाह समारोह में शामिल होने गया था। द्वारचार की रस्म पूरी होने के बाद खाना खाकर रात करीब नौ बजे वह बेटे गौरव को कंधे पर बैठाकर पैदल ही घर लौट रहे थे। रास्ते में गांव पलिहुरा के वनखंडी नाथ देवस्थान के पास पहुंचने पर वह रात के अंधेरे में बेटे के साथ सड़क के करीब स्थित समतल कुएं में गिर गए। कुएं में गिरने पर शिवराज ने शोर मचाना शुरू कर दिया। पास के खेत में फसल की रखवाली कर रहे ग्रामीणों ने भागकर कुएं में झांक कर देखा, तो उसमें शिवराज चिल्ला रहे थे। ग्रामीणों ने शिवराज को जब तक कुएं से बाहर निकाला, तब तक शिवराज बेहोश हो चुके थे। होश में आने पर उन्हंने बताया कि उनके साथ में उनका बेटा भी कुएं में गिर गया था। तब ग्रामीणों ने उसकी भी कुएं में खोज शुरू की। रात करीब 12 बजे ग्रामीणों ने कुएं से बच्चे को बाहर निकाल लिया लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। पुलिस को सूचना दिए बिना मंगलवार सुबह गांव के बाहर बच्चे के शव को दफन कर दिया गया। वहीं थाना प्रभारी इंद्र सिंह ने मामले की जानकारी होने से इंकार किया है।
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पत्नी पहले साथ छोड़ गई, अब बेटा भी जुदा हो गया
बेटे की मौत से गुमसुम शिवराज को उसकी पत्नी तीन वर्ष पहले छोड़कर कहीं चली गई। उस वक्त गौरव बमुश्किल एक वर्ष का था। परिवार के अन्य लोगों ने उसकी परवरिश की थी। शिवराज का यहीं अकेला बेटा था, जो इस दुनिया को अलबिदा कह गया।