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कलक्ट्रेट और विकास भवन में दोपहर तक छाया रहा सन्नाटा

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कलक्ट्रेट, विकास भवन में दोपहर तक छाया रहा सन्नाटा
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0 पीएम की रैली में गए प्रशासन समेत कई विभागों के अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान कल्याण रैली की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों समेत अन्य कई विभागों के अधिकारी शनिवार को दोपहर तक इतने व्यस्त रहे कि कि अपने कार्यालयों में नहीं बैठ पाए। दोपहर 12 बजे तक तमाम कर्मचारी भी अपने पटल छोड़कर प्रधानमंत्री को सुनने के लिए रैली ग्राउंड पर पहुंच गए। इस कारण कलक्ट्रेट और विकास भवन के कई कार्यालयों में सन्नाटा छाया रहा और अफसरों के चैंबर सूने पड़े रहे। तमाम कर्मचारी टीवी चैनलों और मोबाइल फोन पर प्रधानमंत्री का भाषण सुनने में तल्लीन रहे। रैली खत्म होने के बाद ही सरकारी दफ्तरों में रोजमर्रा की रौनक लौट सकी।
आमतौर पर कलक्ट्रेट भवन के भूतल पर स्थित डीएम चैंबर, जिलाधिकारी कार्यालय, सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट, एसडीएम कोर्ट आदि में दिन भर वादकारियों और फरियादियों की आवाजाही बनी रहती है। इसी तरह कार्य दिवसों में प्रथम तल पर एडीएम प्रशासन और एडीएम वित्त एवं राजस्व के कार्यालयों में जन सामान्य के लोग दिन भर विभिन्न कामों से पहुंचते रहते हैं, लेकिन शनिवार को सुबह से सभी अधिकारी रैली स्थल पर जाकर व्यवस्थाओं की देखभाल में जुट गए। नतीजे में यह सभी कार्यालय सिर्फ कहने भर को खुले रहे क्योंकि वहां मौजूद प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर बातों में मशगूल रहे। अपवाद के तौर पर जन सुनवाई के लिए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट पूजा यादव कलक्ट्रेट में मौजूद रहीं।
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चूंकि, प्रधानमंत्री की जन सभा को किसान कल्याण रैली का नाम दिया गया और कार्यक्रम पूरी तरह किसानों पर केंद्रित रहा। इसलिए विकास भवन के भूतल पर स्थित कृषि और किसानों से जुड़े अन्य कार्यालयों में भी सन्नाटा पसरा मिला। समाज कल्याण अधिकारी एनएन द्विवेदी कार्यालय में बैठकर अधीनस्थों को दिशा निर्देश देते दिखे, लेकिन उनके कार्यालय के ठीक सामने स्थित जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक का कक्ष बंद मिला। दरअसल, डॉ. पाठक तब तक कर्जमाफी का लाभ पाने वाले किसानों को लेकर रैली स्थल पहुंच चुके थे और उनके कार्यालय में लिपिक दरवाजा लुढ़काकर अंदर बैठे थे।
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इसी तरह जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय खुला मिला, लेकिन पीपीओ शिवशंकर गौतम केे कक्ष का दरवाजा भिड़ा मिला। उसे ठेलकर अंदर झांका तो पीपीओ की सीट खाली मिली। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरबी सिंह और जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा के चैंबर भी सूने मिले। विकास भवन के द्वितीय तल पर सीडीओ का कक्ष बंद मिला, लेकिन सहायक निदेशक मत्स्य आरपी भारती कंप्यूटर पर विभागीय योजनाओं की फीडिंग कराने में व्यस्त मिले।
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