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झमाझम बरसात ने गर्मी से दिलाई राहत, खिल उठे किसानों के चेहरे

Tue, 03 Jul 2018 12:13 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
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rain - फोटो : rain
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भीषण गर्मी से बेहाल जनजीवन रविवार रात से सोमवार सुबह तक हुई झमाझम बरसात से झूम उठा। 24 घंटे के दौरान 155 मिमी बरसात से पारा करीब तीन डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया और शहर के नाले-नालियां उफना गए। भारी वर्षा से शहर के तमाम निचले स्थानों पर पानी भर जाने से लोगों को खासी असुविधा हुई। इससे नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई और विभिन्न स्थानों पर घंटों आवागमन प्रभावित रहा, लेकिन किसानों के चेहरे खिल उठे क्योंकि पानी से लबालब भरे खेत धान की रोपाई के लिए तैयार हो गए।
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रिमझिम फुहारों का दौर रविवार देर रात से शुरू हो गया, लेकिन मानसून की बेढब चाल को देखते किसी को रिकार्ड तोड़ झमाझम बारिश होने की उम्मीद नहीं थी। भोर होने तक बूंदाबांदी ने कोई खास रफ्तार नहीं पकड़ी। इस वजह से सुबह आठ बजे तक सिर्फ 47 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड हुई, लेकिन बाद में आसमान पर छाए काले-भूरे मेघों ने तेवर दिखाने शुरू किए तो गर्मी से बेहाल लोग झमाझम बरसात से पुलकित हो उठे।
बच्चों में बारिश को लेकर खासा उत्साह रहा। हालांकि, आंगन से लेकर छतों तक धमाल मचाते रहे। लेकिन किशोरों और युवाओं ने बारिश का आनंद लेने के लिए सड़कों पर बाइकों की जमकर राइडिंग की। यह अलग बात रही कि सुबह दस बजे तक बरसात खासी तेज हो जाने पर नाले-नालियां ओवरफ्लो हुए तो उनका कीचड़ और पानी सड़कों पर भरने से आवागमन में रुकावट पड़ने लगी। सप्ताह का पहला कार्य दिवस होने से कर्मचारी घुटनों तक जलभराव को पैदल ठेलते हुए दफ्तरों तक पहुंचे। शिक्षा सत्र के पहले दिन अधिकांश स्कूल-कॉलेजों में रेनीडे (वर्षा अवकाश) घोषित कर दिया गया, लेकिन सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में आम दिनों की अपेक्षा उपस्थिति काफी कम रही।
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पुवायां में कम,अन्य क्षेत्रों में झमाझम बारिश
पुवायां/जलालाबाद/तिलहर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी झमाझम बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। इधर, बारिश के कारण बिजली सप्लाई बाधित रही।
पुवायां क्षेत्र में सुबह से रिमझिम बारिश शुरू हुई लेकिन खेत में धान रोपाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं बरसा। जलालाबाद में सोमवार सुबह से शुरू हुई तेज बारिश दोपहर तक जारी रही। नगर में कुछ एक स्थानों जलभराव हुआ जिससे लोगों को परेशानी का समाना करना पड़ा। बारिश के कारण तीन घंटे बिजली सप्लाई ठप रही। तहसील परिसर में और ब्लॉक मुख्यालय स्थित पशु चिकित्सालय ग्राउंड में हुए जलभराव ने तहसील व ब्लॉक प्रशासन की कलई खोलकर रख दी है।

इन सभी ठिकानों पर जलभराव से घंटों बने रहे तालाब
भारी वर्षा से टाउनहाल में शहीद उद्यान के गेट से लेकर नगर निगम परिसर तक, टाउनहाल का हॉकी मैदान, शहीद द्वार मैदान, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस कैंपस, रोडवेज बस स्टेशन के पूर्वी छोर, कलक्ट्रेट के पीछे पुराने एसपी कार्यालय परिसर, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, खिरनीबाग स्थित जीआईसी ग्राउंड, टाउनहाल-घंटाघर मार्ग पर टेलीफोन एक्सचेंज के पास, बक्सरिया मोहल्ले के निचले इलाके, अंबा सिनेप्लेक्स वाली गली, हयातपुरा, हुसैनपुरा की गलियां जलभराव के कारण घंटों तालाब बनी रहीं। इस कारण उधर से गुजरने वालों को पानी उतरने के लिए दर तक इंतजार करना पड़ा। बारिश की वजह से आटो भी निर्धारित मार्गाें पर बहुत कम दौड़े।

साधनहीन किसानों के खेतों में बरसी कुदरत की नेमत
धान की रोपाई के लिए प्री-मानसून की बारिश अपर्याप्त होने के कारण जिले के साधनहीन लघु-सीमांत किसान झमाझम बरसात का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे और उनकी यह मुराद इंद्र देवता ने पूरी कर दी। इस बार करीब 2.65 लाख हेक्टेयर में धान की फसल ली जानी है। संपन्न किसान प्री-मानसून बारिश में देरी होने पर निजी बोरिंग से सिंचाई कर करीब 30 फीसदी रकबा धान से आच्छादित कर चुके हैं। पिछले 24 घंटे में हुई झमाझम बरसात का लाभ उठाते हुए लघु-सीमांत श्रेणी के किसानों ने धान पौध की रोपाई का काम तेज कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक के अनुसार बारिश के बहाने कुदरत ने हर किसान के खाते में करीब दस-दस हजार रुपये का पानी पहुंचा दिया है और अगले एक सप्ताह तक उन्हें धान को जिलाए रखने के लिए सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी।

जुलाई माह में जिले के लिए संभवत: यह पहला मौका है जब माह की औसत वर्षा के सापेक्ष 50 फीसदी बारिश 24 घंटे के अंदर हो गई। वर्षा के अब तक के रिकार्ड के अनुसार जुलाई में अधिकतम 327 मिमी बरसात होनी चाहिए। चूंकि, 155 मिमी बरसात 24 घंटे में हो गई। इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि माह के अंतिम दौर तक मानसूनी वर्षा औसत से अधिक होगी और जिले में धान का कटोरा खूब भरेगा। -डॉ. मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद
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