भाकियू ने आरपीएफ थाने का किया घेराव, दर्ज कराए बयान
वर्ष 2017 में रेलवे ट्रैक जाम करने के मामले में भेजा गया था नोटिस
जवाब में बोले किसान, लोको पायलट ने अपने आप रोक थी ट्रेन
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अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के कार्यकर्ताओं ने रविवार को रेलवे स्टेशन पहुंचकर आरपीएफ प्रभारी वीके सिंह को बयान दर्ज कराए। भाकियू जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव सहित 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ वर्ष 2017 में रेलवे ट्रैक जाम करने का मामला दर्ज होने पर बयान देने के लिए नोटिस भेजा गया था।
जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में भाकियू के कार्यकर्ता रविवार सुबह 11 बजे पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर एकत्रित हुए और यहां से पैदल जुलूस की शक्ल में रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ थाने के सामने पहुंचे। भाकियू ने आरपीएफ थाने का घेराव कर लिया। इसके बाद आरपीएफ प्रभारी ने जिलाध्यक्ष को वार्ता के लिए अपने कार्यालय में बुलाया। जहां जिलाध्यक्ष ने नोटिस के जवाब में बताया कि दिसंबर 2017 में भू माफियाओं के खिलाफ भाकियू का खिरनीबाग स्थित रामलीला मैदान में 45 दिन तक धरना चला। जिला प्रशासन ने इसके बाद भी किसानों की इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। तब फिर सभी किसान गोविंदगंज रेलवे फाटक के पास रेलवे ट्रैक पार करते हुए डीएम से मिलने उनके आवास पर जा रहे थे। इसी दौरान ट्रेन आ गई और चालक ने ट्रेन रोक दी। उन्होंने व भाकियू के किसी भी कार्यकर्ता ने ट्रेन को रुकवाने की कोशिश नहीं की। आरपीएफ प्रभारी ने अन्य किसानों के भी बयान दर्ज किए। इन किसानों ने भी कहा कि चालक ने अपनी मर्जी से ट्रेन रोकी थी। इस दौरान जीआरपी एसओ राधेश्याम राव भी मौजूद थे। किसानों में श्याम किशोर अग्निहोत्री, महेंद्र सिंह यादव, संतोष कुमार, सुखवीर सिंह आदि थेे।