खुटार (शाहजहांपुर)। शनिवार सुबह साढ़े तीन बजे खुटार-पूरनपुर मार्ग पर दो ट्रकों की सीधी टक्कर में दोनों ट्रकों के चालक और हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गए। लगभग तीन घंटे तक एक ट्रक के चालक, हेल्पर मदद की गुहार करते हुए तड़पते रहे और अंतत: ज्यादा खून बहने से उनकी मौत हो गई।
बरेली के थाना इज्जतनगर के मोहल्ला पीरबहोड़ा नार्थ सिटी निवासी चालक 35 वर्षीय सिद्दीक, हेल्पर 24 वर्षीय बरेली के ही नवाबगंज के गांव ठिरिया सैदपुर बबुरा बबरी निवासी मुकेश कुमार के साथ ट्रक में मुर्गी दाना लेकर बहराइच से रामपुर जा रहा था। शनिवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे खुटार पूरनपुर मार्ग पर गांव लौहंगापुर के जंगल में गुरुद्वारे के पास ओवरटेक करते समय उसके ट्रक की लालकुआ से मौरंग लेकर आ रहे ट्रक से आमने सामने टक्कर हो गई। तेज रफ्तार दोनों ट्रकों के टकराने से धमाके की आवाज सुनकर गुरुद्वारे में मौजूद सेवादार और अन्य लोग घटना स्थल पर पहुंचे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ट्रकों के केबिन पिचक गए थे और दोनों के चालक, हेल्पर ट्रक में ही फंस गए। मौरंग वाले ट्रक के चालक खीरी जनपद के थाना मैलानी के गांव लाल्हापुर निवासी मोहम्मद शादाब और हेल्पर उत्तराखंड के जनपद रुद्रपुर के थाना किच्छा के गांव सिरौली निवासी शाहिद को तो किसी तरह निकाल कर अस्पताल भिजवाया गया, लेकिन दूसरे ट्रक के ड्राइवर सिद्दीक और हेल्पर मुकेश को ट्रक से नहीं निकाला जा सका। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंची और केबिन तोड़कर दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। बाद में खुटार से क्रेन बुलाकर केबिन तुड़वाकर सुबह 6.20 बजे दोनों को निकाला जा सका, तब तक चालक, हेल्पर की मौत हो चुकी थी। जानकारी पाकर मृतकों के परिवार के लोग भी रोते बिलखते खुटार पहुंचे। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
चालक, हेल्पर को तड़पते देख छलछलाई पुलिस वालों की आंखें
खुटार(शाहजहांपुर)। यदि कोई किसी के सामने जिंदगी बचाने की गुहार लगा रहा हो और मौत पल-पल उसके करीब आती जा रही तो देखने वालों के सामने हाथ मलते रह जाने के अलावा कोई चारा ही नहीं बचता। खुटार में शनिवार सुबह तमाम लोगों ने ऐसा ही दर्दनाक मंजर देखा। कई पुलिसकर्मी और ट्रकों के चालक, हेल्पर सिद्दीक और मुकेश को बचाने को जुटे रहे, लेकिन अंत में तीन घंटे बाद जब उन्हें ट्रक से निकाला गया तो दोनों की सांसें थम चुकी थीं।
शनिवार तड़के लगभग साढ़े तीन बजे जब दोनों ट्रकों की टक्कर हुई तो पास के गुरुद्वारे से तमाम लोग मौके पर पहुंच गए और चालक, हेल्पर के करुण क्रंदन और जान बचाने की गुहार सुनकर कांप उठे। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। एसओ बिरजाराम फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन सिद्दीक और मुकेश अपने ट्रक में इस कदर फंसे थे कि उनको निकालना संभव नहीं हो पाया। इस दौरान दोनों के करुण क्रंदन से पुलिसकर्मियों और मदद में जुटे तमाम ट्रकों के चालक, हेल्परों की आंखें नम हो उठीं। सभी लोग दोनों को पल पल मौत की ओर बढ़ते देखते रहे और अंत में सभी के प्रयास तब विफल हो गए जब ट्रक से दोनों के शव ही निकाले जा सके। एसओ बिरजाराम इससे काफी आहत दिखे। उनके तमाम प्रयासों के बाद भी सिद्दीक और मुकेश को नहीं बचाया जा सका।
दो माह पहले हो चुकी है सिद्दीक के भाई की मौत
पुवायां। ट्रक चालक सिद्दीक की मौत की जानकारी पाकर उसके पिता नन्हें रोते बिलखते खुटार पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके चार पुत्रों में सिद्दीक सबसे बड़ा था। उनके एक पुत्र हसीब की दो माह पूर्व बीमारी से मौत हो चुकी है। परिवार के लोग अभी इस गम से उबर भी नहीं पाए थे कि आज दूसरा बेटा भी काल के गाल में समा गया। नन्हें ने परिवार की महिलाओं को बताया कि सिद्दीक हादसे में घायल हुआ है। सिद्दीक की शादी हो चुकी है। उसकी पत्नी शामली बेगम अभी पति की मौत से अनिभिज्ञ है। सिद्दीक के कोई संतान नहीं है। हेल्पर मुकेश की शादी नहीं हुई थी।
हाइवे पर लगा लंबा जाम
खुटार। ट्रकों की भिड़ंत के चलते खुटार पूरनपुर मार्ग पर लंबा जाम लग गया। ट्रकों की लाइन कई किमी दूर तक लग जाने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह क्रेन से चालक, हेल्पर के शव निकाले जाने के बाद आवागमन सुचारु हो सका।
जल्दबाजी चली गई दो लोगों की जान
खुटार। मुर्गी दाना लेकर सिद्दीक खुटार से पूरनपुर की ओर जा रहा था तो शादाब मौरंग लेकर पूरनपुर से खुटार की ओर आ रहा था। शादाब ने एक ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया, लेकिन उसका यह निर्णय जल्दबाजी में लिया गया साबित हुआ और सिद्दीक की ट्रक सामने आ जाने पर उसने बचाव का प्रयास किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। शादाब के एक गलत निर्णय ने सिद्दीक और मुकेश की जान ले ली।