मौसम में धुंध न होने के बाद भी 25 फीसदी ट्रेनें देरी से
लंबी दूरी के यात्रियों रेल यात्री परेशानी झेलने को मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। ट्रेनों की लेटलतीफी से रोडवेज पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। सीमित संसाधनों के जरिए रोडवेज के सामने यात्रियों का दबाव चुनौती बना हुआ है। दिल्ली और लखनऊ रूट पर बसें बढ़ाने के बाद भी हालात पटरी पर नहीं आ रहे। खासकर परेशानी लंबी दूरी के यात्रियों को झेलनी होती है। कम दूरी के यात्रियों के लिए तो रोडवेज बस मुफीद है, लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों को बस का सफर परेशानी से कम नहीं।
नवंबर के पहले सप्ताह मौसम में धुंध जाने की वजह से ट्रेनों का टाइमटेबल पटरी से उतर गया। हालांकि, अब मौसम में धुंध नहीं है। ट्रेनों का टाइम पटरी पर आने लगा है। इसके बाद भी कई ट्रेनें छह घंटे तक देरी से चल रही हैं। रेल अधिकारियों की मानें तो शाहजहांपुर से होकर गुजरने वाली अप और डाउन 25 फीसदी ट्रेनें समय से नहीं चल रहीं। इधर, ट्रेनों के लेट होने के साथ-साथ बार-बार होने वाले ब्लॉक की वजह से यात्री रोडवेज को तवज्जो दे रहे हैं। इससे बसों में यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। शाहजहांपुर डिपो के बेडे में निगम और अनुबंधित मिलाकर 178 बसें हैं। डिपो ने दिल्ली और लखनऊ रूट पर बसों की संख्या भी बढ़ा दी है। शाहजहांपुर डिपो के एआरएम आरके वर्मा का कहना है कि उपलब्ध संसाधनों के जरिए डिपो यात्रियों को पूरी सुविधा देने की कोशिश कर रहा है। पहले के मुकाबले ज्यादा यात्री होने से डिपो पर दबाव बढ़ा है। हालांकि, इससे डिपो को फायदा भी हो रहा है। इधर, स्टेशन अधीक्षक ओमशिव अवस्थरी का कहना है कि ज्यादातर रेलगाडिय़ां समय पर आ गई हैं। करीब 25 फीसदी ट्रेनें अब भी छह घंटे तक देरी से हैं। यह भी जल्द समय से हो जाएंगी।
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ये ट्रेनें चल रहीं देरी से
कुंभ सुपरफास्ट 6:30 घंटे, जननायक 4:30 घंटे, गंगा-सतलुज 4:30 घंटे, गोरखपुर-अमृतसर 6:30 घंटे, अवध-आसाम 3:45 घंटे, पुरबिया एक्सप्रेस 6:30 घंटे, काशी विश्वनाथ 3:10 घंटे, काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस 5:15 घंटे, हिमगिरी 6:45 घंटे
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सिग्नल में देरी से 15 मिनट खड़ी रही ट्रेन
शाहजहांपुर। डाउन रूट पर रोजा में क्रॉसिंग के पास सिग्नल मिलने में देरी पर ट्रेन करीब 15 मिनट तक आउटर पर खड़ी रही। शाहजहांपुर से लखनऊ जा रही पैसेंजर ट्रेन शाहजहांपुर स्टेशन से चलने के बाद रोजा पहुंच रही थी। रास्ते में रोजा से पहले पडने वाले रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन को समय से सिग्रल नहीं मिल सका। इस पर पायलट ने ट्रेन को रोक दिया। 15 मिनट के बाद सिग्रल मिलने पर ट्रेन आगे रवाना हो सकी।