फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा में बगावत: बागियों ने कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना को घेरा

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। स्थानीय निकाय चुनाव के लिए जिले की चार नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के नामों का ऐलान होने के बाद भाजपा में बगावत हो गई है। सपा से हाल ही में भाजपा में आए मनेंद्र गुप्ता को जलालाबाद नगर पालिका से भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने के विरोध में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रविवार को मुख्यालय पहुंच कर कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना का घेराव किया। पार्टी पर कैडर कार्यकर्ता की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि अगर टिकट नहीं बदला गया तो कार्यकर्ता जलालाबाद में भाजपा प्रत्याशी की मुखालफत करेंगे। हालांकि, सुरेश खन्ना ने इस संबंध में हाई कमान से बात करने का भरोसा दिया है।
विज्ञापन

भाजपा ने जिले की चार नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। जलालाबाद नगर पालिका से भाजपा नगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार मंगलम, मुनेंद्र सिंह चौहान, अशोक ने नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की थी। प्रदेश स्तर पर भेजे गए पैनल में यह तीन नाम थे। इसके बावजूद जलालाबाद नगर पालिका से अध्यक्ष पद पर भाजपा ने मनेंद्र गुप्ता को प्रत्याशी घोषित कर दिया। मनेंद्र गुप्ता ने पिछला निकाय चुनाव सपा से लड़ा था। कुछ दिन पहले ही उन्होंने भाजपा का दामन थामा था। मनेंद्र गुप्ता को भाजपा से प्रत्याशी बनाए जाने पर कार्यकर्ताओं के असंतोष फैल गया।
बागी हुए भापाइयों ने पहले तो जलालाबाद में ही प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यालय स्थित कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के आवास राज निवास पर पहुंचे। यहां सुरेश खन्ना के न मिलने पर कार्यकर्ताओं ने गेट पर धरना दिया। करीब एक घंटे के बाद सुरेश खन्ना पहुंचे तो उनका भी घेराव किया। आरोप लगाया कि पार्टी ने टिकट वितरण में कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया है। जो लोग कभी भाजपा के नहीं थे उन पर भरोसा जता कर कार्यकर्ताओं को ठेस पहुंचाई है। भाजपा नगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार मंगलम के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने प्रत्याशी न बदले जाने पर किसी अन्य को समर्थन और चुनाव लड़ाने का ऐलान किया है। उनके साथ मुनेंद्र सिंह चौहान, अशोक समेत सैकड़ों कार्यकर्ता रहे।
विज्ञापन

प्रत्याशी बदलने की मांग पर अड़े कार्यकर्ता
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना का घेराव करने पहुंचे कार्यकर्ता टिकट बदले जाने की मांग पर अड़े रहे। उनकी चेतावनी थी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो निर्दलीय को चुनाव लड़ाया जाएगा। जलालाबाद में भाजपा प्रत्याशी को चुनाव हराना ही उनका लक्ष्य होगा। कार्यकर्ताओं का एक ही सवाल था कि जब दावेदारों के पैनल में सपा से भाजपा में शामिल हुए मनेंद्र गुप्ता का नाम नहीं था तो उनको टिकट कैसे दे दिया गया।
कई कार्यकर्ताओं का दर्द जुबां पर आया
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के आवास के घेराव के दौरान कई कार्यकर्ताओं का दर्द जुबां पर आ गया। उनका कहना था कि इलाके में पार्टी को उन्होंने खून-पसीने से खड़ा किया। दशकों मेहनत करने के बाद पार्टी को इस मुकाम तक पहुंचाया। इसके बाद भी पार्टी के कुछ नेताओं की वजह से उन लोगों को टिकट मिले हैं जो बाहर से आए हैं। उनका कभी भाजपा से नाता नहीं रहा। जिस कार्यकर्ता ने पार्टी को खड़ा करने के लिए दिन-रात एक किया उसको पार्टी ने निकाय चुनाव में पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है। इसका खामियाजा भी पार्टी को भुगतना होगा।
डैमेज कंट्रोल होगा भाजपा के लिए चुनौती
निकाय चुनावों के लिए प्रत्याशियों के नामों का ऐलान होने के साथ ही भाजपा में उठ रहे बागी सुरों के बीच अब पार्टी के लिए डैमेज कंट्रोल किसी मुश्किल से कम नहीं होगा। हालांकि, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू कर दी हैं। गौर करने वाली बात यह है कि निकाय चुनाव के आने वाले परिणामों से सुरेश खन्ना की भी प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। भाजपा में जिस तरह से बगावत के सुर फूट रहे हैं उससे लगता है कि चुनाव में पार्टी के लिए मुश्किल हो सकती है। इसका असर चुनाव परिणामों पर भी देखने को मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें