शाहजहांपुर में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि शिक्षकों का शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के माध्यम से शिक्षकों व उनके परिवारों की चिकित्सा संबंधी चिंताओं में कमी आएगी। उन्हें सूचीबद्ध अस्पतालों में बेहतर उपचार की सुविधा प्राप्त होगी।
वह गन्ना शोध परिषद के सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में बोल रहे थे। मंत्री ने विद्यार्थियों को यूनीफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, बैग व स्टेशनरी आदि के लिए प्रति छात्र 1200 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से वितरित की। राज्यसभा सदस्य मिथिलेश कुमार ने कहा कि यह योजना शिक्षा विभाग से जुड़े हजारों कार्मिकों और उनके परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
18,806 कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
डीएम ने बताया कि जनपद में 6,542 शिक्षक, 3,782 शिक्षामित्र, 666 अनुदेशक, 7,625 रसोइया, 51 विशेष शिक्षा शिक्षक व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के 130 शिक्षक समेत कुल 18,806 कार्मिकों को योजना से लाभांवित किया गया है। उन्होंने बताया कि डीबीटी के माध्यम से जनपद के विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में 26.5 करोड़ रुपये की धनराशि प्रेषित की जा रही है।
अतिथियों ने शिक्षक सुशील गुप्ता, राजकुमार तिवारी, विनायक मिश्रा व मगरे लाल को मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड प्रदान किए गए। इस मौके पर विधायक अरविंद सिंह, परियोजना निदेशक अवधेश राम, डीआईओएस हरवंश कुमार, बीएसए जयशंकर श्रीवास्तव, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष डीपीएस राठौर, भाजपा महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता आदि मौजूद रहीं।