मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के संभावित दौरे के मद्देनजर जिले में डा. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना के तहत चयनित 83 गांवों में स्वीकृत विकास कार्य महीनों बीतने के बाद भी लंबित हैं। शुक्रवार को डीएम शुभ्रा सक्सेना के निर्देश पर प्रभारी सीडीओ के तौर पर डीडीओ पीपी त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में साक्ष्यों के साथ यह सच्चाई सामने आई तो संबंधित विभागीय अधिकारी चुप्पी साध गए। सभी संबंधितों को यथाशीघ्र लंबित कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
वर्ष 2015-16 में चयनित समग्र ग्रामों की समीक्षा में मिला कि पीडब्ल्यूडी द्वारा अभी सात ग्रामों को नहीं जोड़ा जा सका है। इसी तरह विद्युत विभाग द्वारा 27 ग्रामों में विद्युतीकरण का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ और काम चल रहा है। सीसी रोड और केसी ड्रेन के काम 10 गांवों में अब भी बाकी हैं तो 12 गांवों में हैंडपंप ही पूरी संख्या में नहीं लग पाए हैं। नेडा विभाग द्वारा अभी तक 18 ग्रामों में सोलर लाइटें तक नहीं लगायी गई हैं और 15 ग्रामों में शौचालय निर्माण भी पूरे नहीं हुए हैं।
ड़ीएम ने लोहिया आवास के लिए पात्र लाभार्थियों के चयन हेतु बनाई गई टीम के अधिकारियों को शीघ्र अपने-अपने गांव में जाकर जांच आख्या देने को कहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि सभी 83 लोहिया ग्रामों में कोई समाजवादी पेंशन का पात्र लाभार्थी छूटने न पाए।
पारदर्शी किसान योजना की प्रगति भी कम मिली। इस योजना के जिन किसानों की धनराशि स्थानांतरित नहीं हो सकी है उनके खातों में अनुदान राशि तुरंत भेजने का आदेश हुआ है। बैठक में सीएमओ डॉ. कमल कुमार, सभी एसडीएम आदि मौजूद थे।