जलालाबाद में सोमवार की सुबह गिरा कोला घाट पुल । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। कलान-मिर्जापुर क्षेत्र को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण 18 सौ मीटर लंबा कोलाघाट पुल सोमवार तड़के करीब तीन बजे पिलर धंसने से गिर गया। करीब दो सौ मीटर हिस्सा जमींदोज होने से पुल तीन हिस्सों में बंट गया। पुल गिरने से लोगों को करीब 90 किलोमीटर का चक्कर लगाकर फर्रुखाबाद के अमृतपुर-राजेपुर से होते हुए जलालाबाद आना-जाना पड़ेगा। शासन ने पुल गिरने की घटना का संज्ञान लेते हुए जांच कराने और वैकल्पिक पैंटून पुल या अन्य रास्ता बनाने के लिए सर्वे का निर्देश दिया है।
शाहजहांपुर से बदायूं होते हुए दिल्ली जाने वाले मार्ग पर जलालाबाद के आगे मिर्जापुर-कलान को जोड़ने के लिए रामगंगा-बहगुल नदी पर कोलाघाट पुल को 2002 में मंजूरी मिली थी। 2008 में पुल से वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया था। पिछले दो सालों से पुल को लेकर शिकायतें आने लगीं थीं। पुल का एक पिलर धंसने लगा था। एक महीने पहले पुल से यातायात बंद कर पिलर की बेयरिंग की मरम्मत कराई गई थी। सोमवार तड़के करीब तीन बजे पिलर धंस गया जिससे उसके ऊपर के पुल का हिस्सा नदी के कम पानी के हिस्से पर नीचे आ गिरा। मिर्जापुर क्षेत्र का पुल का हिस्सा सही सलामत है जबकि दूसरी ओर जलालाबाद क्षेत्र का हिस्सा गिरकर ढाल की तरह हो गया है। रात में हादसा होने के कारण वाहनों का आवागमन नहीं था लेकिन एक कार पुल के हिस्से के साथ ही नीचे आ गई। वहीं पुल में बैठे पांच-छह लोगों को तेज झटका लगा है मगर उन्हें कोई खास चोट नहीं लगी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन लोगों को बाहर निकाला। सोमवार सुबह सेतु निर्माण निगम और पीडब्लूडी इंजीनियरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
भारी वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया है। इस पुल से काफी संख्या में छोटे वाहन भी गुजरते हैं। शासन से वार्ता कर तत्काल सर्वे कराया जा रहा है ताकि यहां पर पैंटून पुल या अन्य संभावना के जरिये कनेक्टिविटी को बहाल की जाए। - इंद्र विक्रम सिंह, डीएम