फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने शुरू किया दो दिवसीय कार्य बहिष्कार

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
शाहजहांपुर। जनपद में मिनी सचिवालय खोले जाने, पुरानी पेंशन योजना की बहाली आदि 14 सूत्री मागों को लेकर कलक्ट्रेट के कर्मचारियों ने मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर बृहस्पतिवार से दो दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने अपने पटलों का कामकाज छोड़कर कलक्ट्रेट में धरना दिया और सभा करके शुक्रवार को संघ की ओर से मुख्यमंत्री के नाम डीएम को दिए जाने वाले ज्ञापन का मसौदा तैयार किया।
धरना सभा की अध्यक्षता करते हुए प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि जिन मांगों पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है, सरकार उन पर भी शासनादेश जारी नहीं कर कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश अग्निहोत्री ने कहा कि एक दिन के कार्य बहिष्कार से शस्त्र आवेदन जमा होने से लेकर आय, जाति, निवास आदि प्रमाण पत्र जारी होने का काम ठहर गया है। उन्होंने कहा कि मांगों पर शासन स्तर से सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर शुक्रवार को भी कार्य बहिष्कार कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
विज्ञापन

संघ के जिला सचिव गोपाल सिंह ने कहा कि कर्मचारियों से सामंजस्य बनाए रखने और अपनी छवि धूमिल होने से बचाने के लिए सरकार को तत्काल मांगों पर उचित निर्णय लेना चाहिए। धरना में अब्दुल सलीम खां, ओमप्रकाश बाजपेयी, अश्विनी त्रिपाठी, राजीव देव पांडेय, योगेश चंद्र अग्रवाल, विपिन अग्निहोत्री आदि शामिल रहे।
विज्ञापन


ऑनलाइन विरासत से लेखपालों ने बनाई दूरी
कलक्ट्रेट कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार आंदोलन को उस वक्त बल मिल गया, जब उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की सदर इकाई से जुड़े लेखपालों ने लैपटॉप और नेटपैक उपलब्ध नहीं कराए जाने के विरोध में ऑनलाइन विरासत के काम का बहिष्कार कर दिया और हैसियत प्रमाण पत्र भी जारी नहीं किए। संघ के तहसील मंत्री आलोक यादव ने कहा कि लेखपाल साइबर कैफों पर आय, निवास, जाति आदि प्रमाण पत्रों का ऑन लाइन कार्य पहले से कर रहे हैं। ऑनलाइन विरासत और हैसियत प्रमाण पत्र के काम साइबर कैफों पर करने के दौरान पासवर्ड चोरी होने की आशंका बनी रहती है। तहसील अध्यक्ष उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब तक सरकार लैपटॉप, नेटपैक आदि संसाधन उपलब्ध नहीं कराएगी, ऑनलाइन विरासत और हैसियत प्रमाण पत्र बनाने का काम बंद रखा जाएगा। एसडीएम रामजी मिश्रा को लेखपालों के शिष्टमंडल ने इसी आशय का ज्ञापन भी दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें