पीलीभीत के लिए ट्रेनों का संचालन बंद हो जाने के कारण शाहजहांपुर डिपो ने यात्रियों की सुविधाओं के लिए पीलीभीत रूट के लिए छह रोडवेज बसों का संचालन शुरू कर दिया है। 84 किलोमीटर की दूरी रोडवेज बस से तय करने के लिए अब यात्रियों को 90 रुपये खर्च करने होंगे। अब तक ट्रेन से उनके लिए यह सफर 22 रुपये में तय होता था। उधर, छोटी लाइन रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा छाया रहा।
छोटी रेल लाइन होने के कारण शहर से पीलीभीत के लिए रोडवेज बस नहीं थी। ट्रेन छूट जाने पर लोग प्राइवेट या सरकारी बस से बीसलपुर तक के लिए सफर तय करके बीसलपुर से पीलीभीत के लिए बसें पकड़नी पड़ती थीं, चूंकि अब छोटी रेल लाइन को बड़ी रेल लाइन में परिवर्तित करने के लिए पूर्वोत्तर रेल मंडल प्रबंधक के दौरे के बाद शुक्रवार को ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया। इसलिए अब यात्रियों को रोडवेज व प्राइवेट वाहनों का सहारा रह गया है। शुक्रवार को कुछ अनजान यात्री ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे भी, लेकिन उन्हें वहां से लौटकर बस स्टैंड आना पड़ा, हालांकि इस दौरान तमाम लोग ऐसे भी थे जो प्राइवेट वाहनों से निगोही और बीसलपुर पहुंचे। इसके बाद पीलीभीत गए। रोडवेज बसों का पहले दिन संचालन होने के कारण रोडवेज बसों में अपेक्षा के अनुरूप भीड़ नहीं हो पाई। जानकारी के अभाव में तमाम यात्री पीलीभीत जाने के लिए वाहनों की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे।
बसों के संचालन का समय निर्धारित
सुबह 6:30 बजे
सुबह 7:30 बजे
सुबह 10:30 बजे
दोपहर 1:30 बजे
दोपहर 2:00 बजे
शाम 5:00 बजे
आखिरी बस 5:30 बजे जाएगी बीसलपुर तक
पीलीभीत रूट पर आखिरी बस शाम 5:30 बजे रोडवेज बस स्टैंड से बीसलपुर तक जाएगी। यह बस लखनऊ से होते हुए शहर के डिपो पर यात्रियों को लेकर बीसलपुर तक पहुंचाएगी। वहीं पीलीभीत डिपो की एक बस दोपहर बाद 3:30 बजे शहर के डिपो से होकर खुटार होते हुए पूरनपुर-पीलीभीत पहुंचेगी।
ट्रेनों का संचालन बंद होने जाने के कारण यात्रियों की सुविधा के लिए पीलीभीत के लिए छह बसों का संचालन शुरू किया गया है। जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, उसी अनुरूप बसों का संचालन भी बढ़ा दिया जाएगा। आरके वर्मा, एआरएम
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