शाहजहांपुर। दिवाली के मौके पर प्रशासन द्वारा पटाखेबाजी को लेकर प्र्रतिबंधों और बाजार पर छाई महंगाई के बावजूद आतिशबाजी का पारंपरिक जुनून लोेगों के सिर चढ़कर बोला। बृहस्पतिवार को दिवाली की शाम से शुरू हुई बम-पटाखों की धूम-धड़ाम रात गहराने तक तेज हो गई और आधी रात के बाद तक आसमान सतरंगी रोशनी से नहाता रहा। इस दौरान लोगोें ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये आतिशबाजी पर फूंक डाले। खास यह है कि त्यौहार से जुड़ी आतिशबाजी की परंपरा के निर्वाह का यह जुनून तब दिखा, जब सीको पटाखे से लेकर बूस्टर बम पिछले साल की तुलना मेें 20 से 25 प्रतिशत महंगे बिके। बता दें कि इस वर्ष आतिशबाजी पर 28 प्रतिशत जीएसटी लागू हो गया जबकि गत वर्ष टैक्स की दर 10.5 प्रतिशत थी। यही नहीं, इस वर्ष ज्यादा तेज आवाज वाले पटाखे कम बिके और चायनीज आतिशबाजी पर भी ब्रेक लगा। इसके बावजूद बिक्री का ग्र्राफ गत वर्ष से कम नहीं हुआ।
दो दिन में हुई आतिशबाजी की बंपर बिक्री
शहर में इस बार कैंट के मैदान पर आतिशबाजी मार्केट लगाई गईं थी। वहां सजी करीब सौ दुकानों पर एक से सवा करोड़ रुपये की आतिशबाजी बिकने का अनुमान है। इन दुकानदारों में आतिशबाजी के लाइसेंसी भी शामिल हैं। तहसील मुख्यालयों समेत अन्य कसबों के व्यवसाय को शामिल कर लें तो आतिशबाजी की बिक्री का आंकड़ा करीब डेढ़ करोड़ रुपये पर जाकर टिकता है। खास यह है कि इसमें वर्ष भर की सहालगी बिक्री शामिल नहीं है।
जीएसटी नेे बढ़ने से रोका बिक्री का ग्राफ
आतिशबाजी के होलसेल व्यवसायी वेद प्रकाश गुप्ता की मानें तो इस बार जीएसटी के नाम पर टैक्स में दोगुनी बढ़ोत्तरी और प्रशासन स्तर से बिक्री पर लगाई गई रोक-टोक आदि कारणों से आतिशबाजी की बिक्री का ग्राफ नहीं बढ़ सका। हालांकि, धान की नई फसल बाजार में आने से किसानों में आई खुशहाली ने ग्रामीण क्षेत्र में आतिशबाजी की मांग बरकरार रखी। उन्होंने बताया कि दिवाली की शाम तक इतनी बिक्री हुई कि माल कम पड़ गया।
पटाखों की तेज आवाज से बहरापन की आशंका
जिला अस्पताल के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. राजीव शर्मा के अनुसार जमीन पर फटने वाले सुतली बम आसमान में धमाका करने वाले बूस्टर बम से ज्यादा खतरनाक होते हैं। उन्हाेंने कहा कि इस तरह के बम 150 से 180 डेसिबल का शोर पैदा करते हैं, जबकि हमारे कान केवल 70 से 80 डेसिबल की ध्वनि सहन कर सकते हैं। इससे अधिक तेज आवाज सिरदर्द पैदा करने लगती है। डॉ. शर्मा के अनुसार श्रवण क्षमता से तीन गुना अधिक शोर वाली आवाज से होने वाले हाई वाइब्रेशन के कारण कान से तरल के रिसाव के साथ पर्दे को क्षति पहुंचती है। इससे अस्थाई बहरापन हो जाता है जो आगे चलकर स्थायी समस्या बन सकती है। बम की आवाज के साथ कान में सनसनाहट और घंटी जैसी आवाज महसूस हो तो सतर्क हो जाएं, क्योेंकि यह टिनैटस बीमारी का संकेत है। हालांकि, तसल्ली की बात है कि दिवाली के बाद ऐसा कोई मरीज जिला अस्पताल नहीं पहुंचा।
सवा करोड़ के बिके ड्राइ फ्रूट्स गिफ्ट पैक
दिवाली पर निकट संबंधियों और इष्ट-मित्रों को उपहार भेंट करने की परंपरा के निर्वाह को बाजारों में मिठाइयों के साथ ड्राई फ्रूट्स के गिफ्ट पैकों की बंपर बिक्री हुई। शहर समेत जिले में कन्फैक्शनरी के डेढ़ दर्जन शोरूम हैं। इन प्रतिष्ठानों पर 250 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक के गिफ्ट पैक ग्राहकोें के लिए उपलब्ध रहे। शहर के प्रमुख कन्फैक्शनरी व्यवसायी नरेश कौशल के अनुसार कन्फैक्शनरी शॉप पर करीब एक करोड़ के ड्राई फ्रूट्स बिके जबकि किराना प्रतिष्ठानों ने लगभग 25 लाख रुपये के ड्राई फ्रूट्स का बिजनेस किया।