बरेली। अनुसूचित जाति के वोटर को किसी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने या फिर नामांकन प्रक्रिया के दौरान किसी उम्मीदवार का प्रस्तावक बनने से रोकने पर सख्त कार्रवाई होगी। निर्वाचन आयोग ने आदेश जारी किए हैं कि अगर ऐसा मामला सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
बूथ कैप्चरिंग और मतदाताओं को धमकाने की घटनाओं पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस-प्रिशासन ने इस बार 83 बूथों को वनरेबल घोषित किया गया है। यानी यहां पर वोटरों को मताधिकार का प्रयोग करने से रोकने और धमकाने की आशंका है। प्रशासन की ऐसे बूथों पर कड़ी निगाह रहेगी। वोटरों को सुरक्षा में मतदान केंद्रों तक लाया जाएगा। इस संबंध में भी चुनाव आयोग ने आदेश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा आयोग ने मताधिकार का प्रयोग करने से रोकने के लिए भी निर्वाचन आयोग ने गाइड लाइंस जारी की है। इसके तहत यह बिंदु भी शामिल किया गया है कि अनुसूचित जाति के किसी व्यक्ति को सामान्य वर्ग का कोई व्यक्ति किसी विशेष प्रत्याशी को वोट देने अथवा नहीं देने या फिर नामांकन में प्रस्तावक बनने से रोकता है तो उसे अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की संशोधित धारा 3(1) एल के तहत संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध का दोषी माना जाएगा। ऐसे मामले में आरोपी को अधिकतम पांच वर्ष की जेल भुगतने के साथ जुर्माना भी भरना होगा।
मॉक पोल में राजनीतिक दलों ने नहीं ली दिलचस्पी
परसाखेड़ा स्थित स्ट्रांग रूम पर ईवीएम और वीवीपैड का मॉक पोल कराया गया। इसके लिए प्रशासन ने राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया था, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इन मशीनों को लेकर कोई गड़बड़ी नहीं हो रही है। इसके लिए एडीएम प्रशासन तो मौके पर पहुंच गए लेकिन वहां काफी देर तक प्रतिनिधि ही नहीं आए। बाद में कुछ प्रतिनिधि आए और मॉक पोल की औपचारिकता पूरी की गई।
नरियावल मंडी में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की तैयारी शुरू
-एडीएम सिटी महेंद्र कुमार ने अधिकारियों के साथ नरियावल मंडी पहुंचकर वहां तैयारियां का जायजा लिया। यहीं पर चुनाव संबंधी समस्त गतिविधियां होनी है। यहीं से पोलिंग पार्टियों के रवाना होने के साथ मतगणना का कार्य भी होगा।
निर्भीक और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रशासन अपने स्तर से पूरी तैयारी करने में जुटा है। अगर किसी को धमकाया या मतदान से रोका जाता है तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं। -वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी