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गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में एक को उम्र कैद

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शाहजहांपुर। अपर जिला जज तृतीय एहसानुल्लाह खां ने गैरइरादतन हत्या के मामले में आरोपी बृजेश को दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास व उसकी पत्नी कुसुमा देवी और मां राजेश्वरी को दस-दस वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। वहीं बृजेश पर 23 हजार और उसकी पत्नी व मां पर 6500-6500 का जुर्माना भी डाला है। जुर्माने की धनराशि में से 20 हजार रुपये मृतक रामेश्वर के वारिस को दिलाए जाने का आदेश दिया है।
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थाना निगोही क्षेत्र के गांव बलेली निवासी राजेश्वर की बेटी सुलोचना की बारात 17 मई 2011 को बलेली गांव में आई थी। बैंड-बाजा बज रहा था। तभी गांव के बृजेश ने धारदार हथियार से बैंड की ढोलक फाड़ दी। इससे नाराज बारातियों व बृजेश और उसके साथियों से विवाद हो गया। बृजेश अपने साथियों के साथ बारात को तहस-नहस करने की धमकी देकर चला गया। इसके बाद मामला शांत हो गया। कुछ देर बाद राजेश्वर के पिता रामेश्वर अपनी पौत्री सुलोचना के द्वारचार का बुलावा गांव में देकर बृजेश की गली से वापस आ हो रहे थे, तभी बृजेश अपने पिता श्रीपाल, मां राजेश्वरी और पत्नी कुसुमा देवी के साथ घर के बाहर आ गया और रामेश्वर को पकड़ लिया। इसके बाद उन लोगों ने रामेश्वर को लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। पिता के चिल्लाने की आवाज पर बेटा सुरेंद्र बचाने दौड़ा तो उन लोगों ने उस पर भी धारदार हथियार से प्रहार कर दिया। चीख-पुकार पर गांव के बहुत से लोग आ गए। जिन्हें देखकर हमलावर भाग गए। रात में रामेश्वर की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले की रिपोर्ट बेटे राजेश्वर ने दर्ज कराई। विवेचना के बाद चारों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील अमित सिंह वर्मा की ओर से पेश किए गए गवाहों के बयान सुनने और पुलिस की ओर से दिए साक्ष्य पत्रावली का अवलोकन व बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी बृजेश को उम्रकैद व उसकी पत्नी कुसुमा व मां को दस-दस वर्ष की कैद की सजा सुनाई। मुकदमे के दौरान आरोपी श्रीपाल की मौत हो गई थी।
मां के साथ जेल में रहेंगे मासूम बच्चे
गैर इरादतन हत्या के मामले में दस वर्ष की कैद की सजा मिलने पर कुसुमा के साथ उसके दो मासूम बच्चे भी जेल में ही रहेंगे। बच्चों में एक चार माह का है और दूसरा बेटा धु्व्र चार वर्ष का है। बच्चों की दादी को भी दस वर्ष की कैद सुनाई गई है।
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