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सता की हनक और पुलिस की लाचारी से भाजपाइयों के हौसले बुलंद!

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सत्ता की हनक व्यवस्था पर पड़ रही भारी
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आए दिन हो रहा भाजपाइयों और सरकारी मुलाजिमों में टकराव
जलालाबाद में कोतवाल से अभद्रता, रोजा में ईओ को पीटा, पुवायां में एसडीओ से मारपीट
शाहजहांपुर।
सत्ता की हनक व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। पुलिस भी लाचार दिख रही है। आलम यह है कि निजी मसलों को जनहित का मुद्दा बताकर भाजपाई अफसरों से भिड़ रहे हैं। कानून-व्यवस्था को खतरा बन रही इन घटनाओं से अफसर भी परेशान हैं। कुछ मामलों में पुलिस ने भाजपाइयों के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज की है लेकिन उनकी गिरफ्तारी की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। तीन महीनें में र्हुइं तीन बड़ी घटनाओं से पुलिस की कानूून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है।

घटना-एक
जलालाबाद के हारकटेटा गांव में 22 अप्रैल को गेहूं की फसल कटवाने के विवाद में एक पक्ष ने पुलिस पर हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए भाजपा के बृज प्रांत के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मनोज कश्यप के नेतृत्व में फर्रुखाबाद-कटरा स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान कोतवाल केके चौधरी से जमकर अभद्रता की गई। उन्हें चूड़ियां पहनाने की भी कोशिश की गई। इस मामले में कोतवाल ने भाजपा नेता कश्यप को नामजद करते हुए 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन आज तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। कोतवाल ने बताया कि मामले की विवेचना चल रही है।
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घटना-दो
पुवायां के मोहल्ला कसभरा मठिया निवासी भाजपा नगराध्यक्ष सतीश चंद्र गुप्ता 10 अप्रैल को अपने साथी अखिलेश अग्निहोत्री के साथ बिजली उपकेंद्र पर पहुंचे और एसडीओ गौैरव शर्मा से अभद्र व्यवहार करते हुए धमकाने लगे। विरोध करने पर सतीश ने पुवायां के ही मिथुन मिश्रा, अनुज मिश्रा, विकास शुक्ला आदि को बुलाकर सरकारी अभिलेख फाड़ दिए। उपकेंद्र में तोड़फोड़ की। आरोप कि इन लोगों ने एसडीओ से मारपीट कर उनका चश्मा तोड़ दिया और कपड़े फाड़ दिए। पुलिस ने दोनो पक्षों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

घटना-तीन
रोजा में 22 जुलाई को राशनकार्डों का सत्यापन कर रहे नगर पंचायत रोजा के अधिशासी अधिकारी अनिरुद्ध पटेल को भाजपा के पूर्व सभासद राजकुमार तिवारी ने अपने छह अन्य साथियों की मदद से सरेआम बुरी तरह पीटा। सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए। दफ्तर की कुर्सियां भी फेंक दी। अधिशासी अधिकारी की तहरीर पर पूर्व सभासद और उसके भाई मनोज सहित सात लोगों के खिलाफ घटना की रिपोर्ट दर्ज की गई है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। थाना इंचार्ज हरेंद्र कुमार ने बताया कि घटना की जांच चल रही है।

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सत्ता बदलने के साथ अधिकारियों को अपनी मानसिकता भी बदल लेनी चाहिए। जनहित के मुद्दों पर यदि पार्टी पदाधिकारी अधिकारियों से वार्ता करते हैं तो उसका निस्तारण होना चाहिए। पुवायां में एसडीओ की गलती थी। उसे हटा दिया गया है।
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राकेश मिश्रा, जिलाध्यक्ष भाजपा

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जिन क्षेत्रों में घटनाएं हुई हैं, वहां के थाना इंचार्ज को सही ढंग से विवेचना करने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक क्या प्रगति हुई है उसकी जानकारी ली जाएगी। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
केबी सिंह, पुलिस अधीक्षक
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