फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा, रामगंगा और गर्रां नदी में बढ़ने लगा जल स्तर

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। उत्तराखंड की पहाड़ियों और उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में पिछले दिनों हुई भारी वर्षा का असर जिले से होकर बहने वाली नदियों पर दिखने लगा है। नरौरा बैराज से गंगा में बीते दिन छोड़ा गया 95 हजार क्यूसेक पानी अभी यहां तक नहीं पहुंचा है, लेकिन भैंसार बांध पर नदी हिलोरें लेते हुए चढ़ने लगी है। इस बीच, शनिवार को सुबह नरौरा से 1.20 लाख क्यूसेक पानी रिलीज होने की सूचना पाकर अफसरों को बाढ़ की आशंका सताने लगी है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने अधीनस्थों के साथ भैंसार तटबंध पर जाकर गंगा में बाढ़ और कच्चे बांध की सुरक्षा का जायजा लिया।
विज्ञापन

नरौरा से रिलीज पानी गंगा के रास्ते जलालाबाद और कलान तक पहुंचने में 60 से 70 घंटे का समय लेता है, लेकिन अतिरिक्त पानी के बहाव से गंगा अभी से चढ़ने लगी है। चूंकि, शनिवार को फिर 120215 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना मिली। इसलिए अधिकारी भी मानते हैं कि पिछले 24 घटे में 15 सेमी चढ़ चुकी गंगा का जल स्तर अगले 48 घंटे तक बढ़ेगा। यही नहीं, हरेली, खो, किच्छा, रामगर अदि बैराजों से पानी की बढ़ी मात्रा से रामगंगा चौबारी (बरेली) से लेकर कलान तक 35 सेमी बढ़ चुकी है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार पीलीभीत जिले के ड्यूनी डैम से शनिवार को रिलीज हुआ पानी गर्रा में आने से नदी का जल स्तर 75 सेमी बढ़कर 145.05 मीटर हो गया है। स्थानीय स्तर पर बारिश का दौर थमा रहने से खन्नौत 20 सेमी घटकर 142.50 मीटर पर खिसक गई है, लेकिन नदी में पानी का बहाव सामान्य से अधिक हो रहा है।
विज्ञापन

इस बीच, एक्सईएन सिंचाई ने अवर अभियंता श्यामा कुमार के साथ भैंसार बांध का निरीक्षण किया और कर्मचारियों को पॉली बैग में रेता भरकर से कच्ची ठोकरें बनाए जाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। एडीएम वित्त एवं राजस्व/ आपदा राहत प्रभारी सर्वेश कुमार ने बताया कि आई बाढ़ की कोई स्थिति नहीं है। इसके बावजूद नदियों के जल स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को बाढ़ से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें