पुलिस ने भाकपा नेताओं को धरने से उठाया
अनुमति लिए बगैर डेरा डालने का नतीजा
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय आह्वान पर दो दिन पहले प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में सहभागिता करने के बजाय सिर्फ ज्ञापन देकर चलते बने पार्टी पदाधिकारियों को बगैर अनुमति लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट कैंपस में धरना देना भारी पड़ गया। पुलिस ने पीपल के नीचे डेरा डाले भाकपा नेताओं को धरना स्थल से उठने को बाध्य कर दिया।
धरना देेने के लिए रिक्शा पर बैठकर सबसे पहले भाकपा के सह सचिव रामशंकर लाल कलेक्ट्रेट पहुंचेे। कुछ देर बाद जिला सचिव मोहम्मद सलीम, राज्य कौंसिल के सदस्य सुरेश कुुमार आदि पदाधिकारी भी वहां पहुंचे। बाइक स्टैंड के पास मंत्रणा करके पदाधिकारियों ने ज्ञापन तैयार किया और इसी के साथ दरी डालकर धरना देना शुरू कर दिया।
बिना किसी पूर्व घोषणा के धरना-प्रदर्शन की सूचना पाकर कचहरी पुलिस चौकी के प्रभारी कुछ सिपाही लेेकर कलेक्ट्रेट जा पहुंचे और पूर्व अनुमति लिए बगैर धरना देने पर कड़ी आपत्ति की। पुलिस के तेवर देेख भाकपा नेताओं ने धरना खत्म करने में देर नहीं लगाई। बाद में उनका शिष्टमंडल सिटी मजिस्ट्रेट से मिला और उन्हें राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर घर की राह चला।
ज्ञापन में मध्य प्रदेेश के मंदसौर में पुलिस फायरिंग से मारे गए किसानों के आश्रितोें को पर्याप्त मुुआवजा देने, खेत मजदूरों को जमीन के पट्टे देने, शिक्षा के व्यवसायीकरण पर रोक लगाने आदि मांगों का जिक्र है। इस मौके पर मनधीर सिंह, मुनीष कुमार, अनुज कुमार, रूपा शर्मा, प्रदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।