बिजली नेटवर्क की ओवरलोडिंग से मंगलवार को दोपहर पैना ट्रांसमिशन पॉवर स्टेशन के यार्ड में लगे 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर की लीडें और क्लैंप गर्म होकर अंगारों की तरह दहकने लगीं। गनीमत यह रही कि ड्यूटी पर मौजूद एसएसओ ने समय रहते शटडाउन लेकर ट्रांसफार्मर से शहर की सप्लाई बंद करा दी, वरना ट्रांसफार्मर में आग लगने पर विभाग को करोड़ों की क्षति का सामना करना पड़ता। इस वजह से शहर के सारे सब स्टेशनों से करीब सवा घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रही।
रोजाना सुबह के वक्त होने वाली दो घंटे की कटौती मंगलवार को नहीं होने से कामकाजी तबके के लोगों को काफी राहत मिली। हालांकि, दिन में 11 बजे से दोपहर दो बजे तक नियमित कटौती लागू रही, लेकिन बाद में सप्लाई शुरू होने के कुछ देर बाद ही शहर के सभी सब स्टेशनों के इनकमिंग फीडर अचानक बंद हो गए। सब स्टेशनों का प्रभार संभाले प्रभारी जेई इसी गफलत में रहे कि 33 केवी लाइन में ट्रिपिंग से उनका उपकेंद्र बंद हुआ है।
करीब आधा घंटे तक सप्लाई शुरू नहीं होने पर एसडीओ सिटी इंद्रराज यादव और बहादुरगंज के प्रभारी जेई शैलेंद्र पांडेय ने पैना के 220 केवी ट्रांसमिशन स्टेशन के एक्सईएन संजीव भास्कर से संपर्क साधा तो पता चला कि पैना स्टेशन के यार्ड में लगे 160 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर पर ओवरलोडिंग से उसकी लीडें और क्लैंप जलने से बचाने के लिए ट्रांसमिशन विंग ने शट डाउन लिया है। यह स्थिति करीब सवा घंटे तक बनी रही।
पैना ट्रांसमिशन स्टेशन के सूत्रों ने बताया कि 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर से ही शहर के सभी सात उपकेंद्रों को बिजली सप्लाई की जाती है। बताया गया कि दोपहर को कटौती के बाद सप्लाई शुरू होते ही शहर का लोड इतना बढ़ गया कि यार्ड के ट्रांसफार्मर से चिनगारियां छूटने लगीं। वहां के कंट्रोल रूम में ड्यूटी पर मौजूद एसएसओ ने तत्काल एक्सईएन को वस्तु स्थिति बताकर शट डाउन लिया और 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर को स्विच ऑफ कर दिया।
बताया गया कि 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर की कीमत 24 से 26 करोड़ रुपये है। एसएसओ के स्तर से लाइन स्टाफ को सचेत नहीं किया जाता तो विभाग को करोड़ों की चपत लगने के साथ शहर की बिजली सप्लाई भी अनिश्चितकाल को बंद हो जाती। शट डाउन लेने के बाद ट्रांसफार्मर को ठंडा होने में काफी वक्त लग गया। बाद में उसकी क्लैंप और लीड बदलकर दिन में 3.20 बजे दोबारा पॉवर लोड डालकर शहर की बिजली सप्लाई शुरू की गई।
निशात रोड पर 11 केवी लाइन के टूटे तार
पैना ट्रांसमिशन स्टेशन से दोपहर बाद सप्लाई शुरू होने के बमुश्किल पांच मिनट बाद ही लाल इमली चौराहा-निशात रोड पर 11 केवी लाइन के तार ओवरलोडिंग से जलकर नीचे आ गिरे। गनीमत यह रही कि उस वक्त रोड पर यातायात जारी रहने के बावजूद कोई राहगीर जमीन पर पड़े तारों में प्रवाहित करंट की चपेट में नहीं आया। आसपास के दुकानदारों ने फाल्ट की इत्तला गोविंदगंज सब स्टेशन के प्रभारी जेई अलंकृत मिश्रा को दी। सब स्टेशन से लाइन बंद होने तक दुकानदार उधर से गुजरने वालों को टूटे तारों से सचेत करते रहे। इस फाल्ट की वजह से लाल इमली चौराहा, बाड़ूजई फर्स्ट, टाउनहाल की रिफ्यूजी कालोनी, पंखी चौराहा रोड, कटिया टोला आंशिक आदि क्षेत्रों में ढाई घंटे तक बत्ती गुल रही।
तीन खंभा वाली गली के ट्रांसफार्मर का फेज उड़ा
बारिश के चलते घंटाघर के नजदीक तीन खंभा वाली गली में रखे ट्रांसफार्मर की लीडें पानी से भीगने पर उनमें शार्ट सर्किट से मंगलवार को सुबह चिनगारियां छूटने के बाद एक फेज उड़ गया। इस खराबी से गली के तमाम मकानों समेत जली कोठी के सरकारी दफ्तरों से लेकर खलीलशर्की मार्केट और वहां के आवासों तक बिजली सप्लाई में व्यवधान पड़ गया। प्रभावित क्षेत्र के कंफैक्शनरी व्यवसायी पवन अग्रवाल समेत कई दुकानदारों की इत्तला पर लाइन स्टाफ खराबी दूर करने मौके पर गया, लेकिन फिर से बारिश का दौर शुरू हो जाने से दिन ढले तक फाल्ट ठीक नहीं हो पाया। बहादुरगंज सब स्टेशन के प्रभारी जेई शैलेंद्र पांडेय के अनुसार यह खराबी बुधवार को सुबह मौसम सामान्य रहने पर ठीक कराई जाएगी।