शाहजहांपुर/ रोजा। आनंद विहार टर्मिनल से रक्सौल जाने वाली डाउन सत्याग्रह एक्सप्रेस शुक्रवार रात दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। तिलहर से शाहजहांपुर के बीच ट्रेन के एसी-टू टियर कोच का एक्सल गर्म हो गया। पहिए से चिंगारियों के साथ धुआं निकलने पर यात्रियों में हड़कंप मच गया। इसके बारे में गार्ड ने सूचना शाहजहांपुर पावर केबिन को दी। बाद में ट्रेन से रोजा जंक्शन पर कोच को अलग किया गया। यहां ट्रेन करीब साढ़े चार घंटे खड़ी रही।
डाउन-15274 सत्याग्रह एक्सप्रेस करीब एक घंटा की देरी से शुक्रवार रात 12:30 बजे शाहजहांपुर पहुंची थी। ट्रेन के शाहजहांपुर पहुंचने से पहले एक्सल गर्म होने के बारे में पावर केबिन को सूचना पहले ही गार्ड वाईएन पांडेय बाकी टाकी के जरिए दे चुके थे। यहां प्राथमिक व्यवस्था के बाद ट्रेन को 12:45 बजे रवाना कर दिया गया। आईबीएस सिग्नल से पहले ट्रेन ने रफ्तार पकड़ी तो एसी-2 टियर कोच नंबर ईसी-13029 के पहिये से फिर से चिंगारियां निकलने लगीं। एक्शल गर्म होने की वजह से पहिये का धुरा खुल गया। गनीमत रही कि हादसा नहीं हुआ। करीब 12:57 बजे रोजा पहुंचने पर ट्रेन को स्टॉपेज दिया गया। आरपीएफ और जीआरपी भी पहुंच गई। यहां कोच के यात्रियों को दूसरे कोच में बैठने को कहा गया। कहा गया कि ट्रेन के सीतापुर पहुंचने पर दूसरा कोच लगा दिया जाएगा। यात्री इसके लिए राजी नहीं हुए। वे दूसरा कोच मंगाने की मांग पर अड़ गए। एसी-टू टियर कोच को ट्रेन से अलग कर ट्रेन को रवाना नहीं होने दिया। रात में ही सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई। बरेली से दूसरा कोच मंगाया गया। कोच नंबर ईसी-13029 को अलग कर दूसरा कोच लगाकर ट्रेन को शनिवार तड़के करीब 5:45 बजे रोजा से रवाना किया जा सका। इस दौरान करीब साढ़े चार घंटे ट्रेन रोजा जंक्शन पर खड़ी रही।
गर्मी के सीजन में एक्सल गर्म होने के मामले बढ़ जाते हैं। सत्याग्रह एक्सप्रेस में एक्सल हीटअप हुआ था। इस एसी-टू टियर कोच को ट्रेन से अलग कर बरेली से दूसरा कोच मंगाकर ट्रेन में जोड़ा गया। इसके बाद ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया। एक्सल हीटअप होने की जांच ज्वाइंट कमेटी करेगी।
- प्रभाष राघव, डीओएम
आठ दिन में दूसरी बार खतरे में पड़ी रेल यात्रियों की जान
शाहजहांपुर। रेलवे सुरक्षा, संरक्षा के तमाम दावे करता है। सुरक्षा, संरक्षा और यात्री सुविधाओं के नाम पर बार-बार मेगा ब्लॉक से यात्रियों को काफी परेशानी होती है। इसके बावजूद बार-बार लापरवाही के चलते रेल यात्रियों की जान खतरे में पड़ जाती है। रेल यात्रियों की जान खतरे में पड़ने का यह आठ दिन में दूसरा मामला है।
जम्मूतवी से कोलकाता जाने वाली डाउन 13152 सियालदह एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में 31 मई को कोच नंबर ई-10412 की छत पर पंखे के पास शार्ट सर्किट होने से आग लगते-लगते बची थी। समय रहते गार्ड ने इमरजेंसी और वैक्यूम का इस्तेमाल कर ट्रेन को रोक लिया था। कोच में धुआं भरने की वजह से यात्रियों में हड़कंप मच गया था। बाद में शाहजहांपुर स्टेशन पर सीएंडडब्ल्यू विभाग की टीम ने कोच को सील कर दिया था। बाद में ज्वाइंट कमेटी ने जांच के दौरान पाया कि कोच में मेंटिनेंस में प्राइमरी मेंटिनेंस स्टाफ और ट्रेन इलेक्ट्रिक स्टाफ से चूक हुई थी। जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जा चुकी है। मुख्यालय स्तर से ही अब इस मामले में कार्रवाई होनी है। अभी सियालदह के कोच में शार्ट सर्किट का मामला रेल यात्री भूले नहीं थे। उससे पहले सत्याग्रह एक्सप्रेस में एक्सल हीटअप का मामला सामने आ गया।