शाहजहांपुर। दिन में हल्की धूप निकलने के बाद भी जनजीवन को सर्दी से राहत मिलने के बजाय लोगों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। शनिवार शाम से ठंडी पछुआ हवाओं के झोंके तेज होने के साथ वातावरण में गलन बढ़ गई। पाला गिरने से रात में तापमान गिरकर 1.8 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। रविवार को दिन में धूप निकलने पर भी सर्द हवा शरीर में सिहरन पैदा करती रही।
गत एक पखवाड़े से सड़कों और बाजारों में रात आठ बजे से सन्नाटा पसर रहा है। शनिवार आधी रात के बाद पछुआ हवा का वेग धीमा पड़ा तो आसमान साफ होने से पाला गिरने लगा। इससे न्यूनतम तापमान भी बीते 24 घंटे के मुकाबले 2.4 डिग्री लुढ़क कर 1.8 डिग्री सेल्सियस रह गया। इससे पहले, बीते बुधवार को पारा 2.4 डिग्री के न्यूनतम स्तर तक जा चुका है। गन्ना शोध परिषद के निदेशक डॉ. जे सिंह के अनुसार दिन में धूप नहीं निकलने अथवा कम निकलने और रात में मौसम साफ रहने पर तापमान में और कमी आ सकती है।
सर्दी का असर जनजीवन पर भी साफ दिख रहा है। रात नौ बजे तक भीड़ से गुलजार रहने वाले बाजारों से लेकर सड़कों पर आठ बजे से सन्नाटा खिंचने लगा है। सुबह लोगों की दिनचर्या देर से शुरू हो रही है। दोपहर 12 बजे से सड़कों पर थोड़ी रौनक दिखती है। भीषण सर्दी में गरीब तबके को अपने बचाव के लिए कई तरह के जतन करने पड़ रहे हैं। हालांकि, समाजसेवी एवं उद्योगपति अशोक अग्रवाल ने रविवार को शहर में तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर अलाव को लकड़ी उपलब्ध कराई। इसके बावजूद तमाम स्थानों पर गरीब तबके के लोगों को पुराने टायर और कूड़ा जलाकर सर्दी से लड़ने की जद्दोजहद करनी पड़ रही है।