रैली से नहीं, चुनावी पाठशालाओं से आएगी मताधिकार के प्रति जागरूकता
मतदाता पुनरीक्षण समीक्षा बैठक में बोले राज्य निर्वाचन अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चलाए जा रहे विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की प्रगति जांचने के लिए प्रदेश के राज्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू रविवार को दोपहर यहां पहुंचे। उन्होंने विकास भवन सभागार में जनपद समेत बरेली मंडल के अन्य जनपदों से आए प्रशासनिक और निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर वोटर लिस्टों में अब तक हुए संशोधन की कार्य प्रगति जांची और इस कार्य की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने मतदाता सूचियों से बोगस नाम हटाने के साथ ऐसे सभी नाम अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए जो एक जनवरी, 2019 को अहर्ता आयु 18 वर्ष पूरी कर रहे हैं।
राज्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव संबंधी कार्य से लेकर मताधिकार को बेहद पुनीत संवैधानिक कर्तव्य बताते हुए अधिकारियों को न केवल अपनी बल्कि दूसरों की मानसिकता में बदलाव कर अधिक से अधिक मतदान कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान से लेकर मतदान होने तक मताधिकार को प्रेरित करने के लिए सिर्फ जागरूकता रैलियां पर्याप्त नहीं होंगी बल्कि इसके लिए इलेक्टोरल लिटरेसी सेंटरों को चुनावी पाठशालाएं आयोजित कर लोगों को बताना होगा कि उनके मताधिकार के इस्तेमाल से लोकतंत्र मजबूत होगा और उसकी गरिमा बढ़ेगी।
राज्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि लोग वोट बनवा लेते हैं, लेकिन मतदान के दिन बूथ पर जाना गंवारा नहीं करते, इसीलिए मताधिकार के प्रति जागरूकता के तमाम प्रयासों के बावजूद उनके सकारात्मक नतीजे नहीं मिलते। नक्सलवाद से प्रभावित दुरूह जंगली इलाके छत्तीसगढ़ का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि तमाम विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद वहां 79 प्रतिशत मतदान होता है, लेकिन यूपी के कई जनपदों में केवल 60 फीसदी लोग वोट डालते हैं। उन्होंने कहा कि दान की भावना के साथ हम दूसरों के वोट बढ़वाकर पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं।
मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने कहा कि जिस तरह नौकरी और पढ़ाई आदि के लिए बाहर रह रहे लोग त्यौहार मनाने के लिए छुट्टी लेकर घर आते हैं, ठीक उसी तरह वोट बढ़वाने और मतदान करने को तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को मताधिकार के दिवस पर विशेष सुविधा प्रदान किए जाने और चुनाव से पहले सभी दिव्यांगों को चिन्हित कर मताधिकार के लिए जागरुक करने के निर्देश दिए। डीएम अमृत त्रिपाठी ने कहा कि मतदान प्रतिशत बढ़ाना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। बाद में पत्रकारों से वार्ता करते हुए राज्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ईपी रेशियो बढ़ाना और लिंगानुपात में कमी लाकर अधिक से मताधिकार का इस्तेमाल कराना मतदाता पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य है। अधिकारियों को ऐसे बूथों की विशेष छानबीन के निर्देश दिए हैं, जहां पिछले चुनाव में वोटरों की संख्या के लिहाज से मतदान बहुत कम हुआ। बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवा सिम्मी चन्नप्पा, एडीएम प्रशासन वंदिता श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट अतुल कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।