फोटो-21,जलालाबाद कोतवाली का घेराव करते अधिवक्ता
वकीलों ने कोतवाली का घेराव कर किया हंगामा
एसएसआई पर अधिवक्ता से बदसलूकी करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद। कोतवाली के एसएसआई पर अधिवक्ता से बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए सोमवार सुबह बार संघ अध्यक्ष की अगुवाई में वकीलों ने कोतवाली का घेराव कर हंगामा किया और एसएसआई के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। सूचना पाकर पहुंचे सीओ ने एसएसआई की ओर से स्वयं खेद जताकर किसी तरह वकीलों को शांत किया।
गांव सनखड़ा निवासी पंकज कुमार तहसील के अधिवक्ता हैं रविवार रात पुलिस उनके गांव से कुछ लोगों को पकड़ लाई थी। जानकारी पर पंकज सुबह कोतवाली गए और एसएसआई मनोज सेहरावत से पकड़े गए लोगों के बारे में जानकारी चाही तो एसएसआई भड़क गए। आरोप है कि एसएसआई ने पहरे वाले को बुलाकर कहा कि इसे भी तमंचा लगाकर हवालात में डाल दो, परिचय पत्र दिखाने पर एसएसआई ने वह भी छीन लिया। पंकज ने अपने साथ हुई बदसलूकी की जानकारी साथी वकीलों को दी। इसके बाद बार संघ अध्यक्ष सुभाष मिश्रा के नेतृत्व में वकील कोतवाली जा धमके और हंगामा करते हुए एसएसआई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर दी। मामला तूल पकड़ता देख सीओ शिव प्रसाद दुबे कोतवाली पहुंचे और अधिवक्ताओं से वार्ता कर एसएसआई द्वारा की गई कथित बदसलूकी पर अपनी ओर से खेद जताते हुए स्वयं माफी मांगी। इसके बाद अधिवक्ता इस शर्त पर शांत हुए कि एसएसआई सीओ कार्यालय आकर पीड़ित अधिवक्ता से खेद जताएंगे।
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हायर एजुकेशन एक्ट के विरोध में वकील हड़ताल पर
केंद्रीय राज्यमंत्री, जिला जज, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो दुर्गापूजा के बाद बनेगी आंदोलन की रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया एक्ट के विरोध सहित विभिन्न मांगों को लेकर अधिवक्ता बार कौंसिल के आह्वान पर सोमवार को हड़ताल पर रहे। इस दौरान सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णाराज, जिला जज, सिटी व सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने पर दुर्गापूजा के बाद आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि हम सभी अधिवक्ता हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया एक्ट का विरोध करते हैं,अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 34 जो विलुप्त हो चुकी है, उसे पुन: बहाल किया जाए। इसके साथ ही अधिवक्ताओं की मांग है कि उनके हितों को ध्यान में रखते हुए मेडिक्लेम, बीमा, पेंशन, स्टाईपेंड भत्ता व अन्य कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विचार कर उन्हें लागू करें।
ज्ञापन देने वालों में एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मुरारीलाल राजपूत, महासचिव नीरज श्रीवास्तव, मुनीश सिंह परिहार आदि लोग शामिल थे।