शंटिंग के दौरान प्वाइंट फेल, डिरेल होने से बची बीआर पैसेंजर
रोजा यार्ड में शुक्रवार रात दो बजे हादसा, लाइन नंबर 1 ए ठप
रेल मंडल में डिरेलमेंट मामलों को लेकर बदनाम है रोजा यार्ड
फोटो-11
अमर उजाला ब्यूरो
रोजा (शाहजहांपुर)। डिरेलमेंट की घटनाओं को लेकर बदनाम रोजा यार्ड में शुक्रवार रात एक बार फिर से बड़ा डिरेलमेंट होते-होते बचा। शंटिंग के दौरान यार्ड की लाइन नंबर 1-ए का प्वाइंट फेल हो गया। इस दौरान बरेली-रोजा पैसेंजर डिरेल होने से बाल-बाल बच गई। घटना रात दो बजे हुई शनिवार दिन में भी प्वाइंट दुरुस्त करने के लिए रेलवे की तकनीकी टीम जुटी रही।
रोजा-बरेली के बीच चलने वाली 54355/54356-बीआर पैसेंजर शुक्रवार रात देरी से वापस लौटी थी। रात करीब दो बजे ट्रेन को यार्ड में बैक किया जा रहा था। शंटिंग के दौरान लाइन नंबर 1-ए का प्वाइंट नंबर 275 फेल हो गया। जिस दौरान प्वाइंट फेल हुआ ट्रेन यहां से गुजर रही थी। रफ्तार काफी कम होने के बाद भी झटका लगा तो पायलट ने ट्रेन रोक दी। देखने पर पता लगा कि प्वाइंट फेल हो गया है। इसके बाद ट्रेन को एहतियात के साथ टेल थ्रू दिया गया। समय रहते ट्रेन न रोकी जाती तो यार्ड में डिरेलमेंट की एक और घटना हो सकती थी। ट्रेन निकालने के बाद प्वाइंट को बंद कर दिया गया। रात में ही रेलवे की तकनीकी टीम प्वाइंट दुरुस्त करने में जुट गई। शुक्रवार रात से शनिवार दोपहर तक रोजा यार्ड में लाइन नंबर 1-ए को बंद रखा गया। गौर करने वाली बात यह है कि यार्ड में शंटिंग के लिए तीन कर्मचारी मुन्ना, लालाराम और रामपाल की ड्यूटी थी। इनमें लालाराम पावर केबिन, रामपाल बीआर पैसेंजर के इंजन पर था। मुन्ना दूसरी ट्रेन को शंटिंग कराने गया था। बीआर पैसेंजर के पीछे कोई शंटिंग मास्टर या पोर्टर भी नहीं था।
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प्रथम दृष्टया पायलट, शंटिंग मास्टर और पोर्टर दोषी
- रोजा यार्ड में शंटिंग के दौरान प्वाइंट फेल होने के लिए प्रथम दृष्टया ट्रेन के पायलट, शंटिंग मास्टर और पोर्टर को दोषी बताया जा रहा है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी कि वास्तविक चूक कहां पर हुई।
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वर्जन-
इस तरह के तकनीकी मामले सामने आते रहते हैं। शंटिंग के दौरान यार्ड में पूरी सावधानी बरती जाती है। शंटिंग के दौरान प्वाइंट फेल होने के मामले में जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया पाया गया है कि पायलट, शंटिंग मास्टर और पोर्टर के स्तर पर चूक हुई है।
- प्रतीक श्रीवास्तव, एरिया मैनेेजर रोजा जंक्शन