कहीं प्रदर्शन तो कहीं कैंडल मार्च निकाल कर किया विरोध
जिले में सवर्ण समाज के बंद का दिखा मिला जुला असर
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने संबंधी केंद्र सरकार के कदम के विरोध में बृहस्पतिवार को भारत बंद का जिले में मिला जुला असर रहा। हालांकि, केंद्र सरकार के निर्णय के विरोध में सवर्ण समाज का गुस्सा साफ दिखा। सवर्ण समाज ने अपने-अपने तरीके से केंद्र के कदम का विरोध किया। कहीं प्रदर्शन किया गया तो कहीं कैंडल मार्च निकाल कर विरोध जताया गया। सवर्ण समाज की मांग है कि एससी-एसटी एक्ट में गिरफ्तारी से पहले जांच का प्रावधान किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी व्यस्था की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने बिल के जरिए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को ही पलट दिया।
महानगर में एससी-एसटी एक्ट विरोधी मोर्चा ने विरोध में कैंडल मार्च निकाला। बृहस्पतिवार रात काफी संख्या में सवर्ण समाज के लोग और व्यापारी वर्ग घंटाघर पर जमा हुआ। घंटाघर से शुरू हुआ कैंडल मार्च बहादुरगंज मशीनरी मार्केट, पंखी चौराहा होते हुए शहीद प्रतिमा पहुंचा। यहां शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के बाद एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सभा हुई। ब्राह्मण समाज उत्तर प्रदेश के संरक्षक राजाराम मिश्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदलना तानाशाही है। डॉ. केडी सिंह, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता, व्यापार मंडल मिश्रा गुट के कुलदीप सिंह दुआ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के उमेश चंद्र पाठक, आदर्श व्यापार मंडल के पंकज वर्मा, सतीश सराफ, अपूर्व अग्निहोत्री ने नए कानून को समाज विरोधी बताया। इस मौके पर व्यापारी नेता प्रभात रंजन पांडेय, कायस्थ समाज के सरोज श्रीवास्तव, क्षत्रिय महासभा के कृष्ण कुमार सिंह, अनिल सिंह चौहान, वैश्य महासभा के अजय कुमार गुप्ता, नवनीत कुमार सिंह, सचिन पाठक, महेश सक्सेना, मनोज खन्ना आदि समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।