डीएम, एसपी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का किया निरीक्षण
कटान के दायरे में आए प्राथमिक स्कूल से बच्चों को हटाने के दिए निर्देश
डीएम ने मच्छरों का प्रकोप देख सीएमओ डॉ. आरपी रावत को किया तलब
फोटो 19 व 20 में।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/परौर/मिर्जापुर।
नदियों के जल ग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से अतिरिक्त पानी बहाए जाने से जलालाबाद और कलान तहसील से होकर बहने वाली गंगा और रामगंगा में उफान बुधवार का भी जारी रहा। रामगंगा से कटान की सूचना पर डीएम अमृत त्रिपाठी ने एसपी डॉ. शिवा सिम्मी चन्नप्पा और अन्य अधिकारियों के साथ घुटनों तक पैंट चढ़ाकर परौर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित पहरुआ गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने रामगंगा के किनारे बाढ़ रोकने को बनाई गई ठोकरों का निरीक्षण किया और बेसिक शिखा अधिकारी राकेश कुमार को कटान के दायरे में आए प्राथमिक स्कूल भवन को निष्प्रयोज्य घोषित कर वहां के बच्चों को किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर बिठाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
कीचड़ भरे रास्ते पर चलते हुए रामगंगा तट पर पहुंचे डीएम त्रिपाठी ने कटान रोकने के लिए बनाई गई ठोकरों का निरीक्षण करते हुए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा से गत वर्षाें में आई बाढ़ और उससे हुए नुकसान का ब्यौरा लिया। क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप देख उन्होंने सीएमओ डॉ. आरपी रावत को तलब कर कहा कि मुझे थोड़े समय में तीन-चार बार मच्छर काट चुके हैं, तो यहां रहने वालों का क्या हाल होगा। डीएम ने सीएमओ को तत्काल गांव में मच्छररोधी रसायन का छिड़काव कराने के साथ अन्य दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
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मकान ढहने पर मिलेगा मुख्यमंत्री योजना का आवास
परौर और पहरुआ समेत मई खुर्द कलां गांव में निरीक्षण के दौरान कई ग्रामीणों ने बताया कि उनके कच्चे आवासों की दीवारें बारिश से ढहने लगी हैं और घरों में शौचालय भी नहीं हैं। इस पर डीएम त्रिपाठी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि बाढ़ अथवा बारिश से मकान ढहने पर प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से आवास सुलभ कराए जाएंगे। डीपीआरओ अरविंद जायसवाल ने बताया कि पहरुआ में 175 शौचालयों का बजट प्राप्त हो गया हैै। इस पर डीएम ने उन्हें शौचालयों के निर्माण के लिए तत्काल गड्ढे खुदवाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत पर अधिकारियों को नदी की ओर जाने वाले चक रोड को ठीक कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण में कलान के एसडीएम चंद्र प्रकाश सरोज, पावर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार पांडेय, मनरेगा उपायुक्त हबीब अंसारी आदि डीएम के साथ रहे।
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मिर्जापुर क्षेत्र के कई गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
बीत दिन हुई मूसलाधार बारिश और गंगा-रामगंगा में विभिन्न बैराजों से बुधवार को 1.56 लाख क्यूसेक पानी बहाए जाने से क्षेत्र में बाढ़ के आसार बन गए हैं। गंगा का जल स्तर बढ़ते ही बाढ़ का पानी खादर में बसे ग्राम इस्लामनगर, पंखिया नगला, आजादनगर, पैलानी उत्तरी आदि गांवों की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बाढ़ से गृहस्थी के सामान को बचाने के लिए ऊंचे स्थानों की तलाश शुरू कर दी है। उधर, रामगंगा की बाढ़ का पानी पिछले वर्ष सिंचाई विभाग द्वारा बनाई गई नहर से ओवरफलो होकर पुराने बहाव क्षेत्र में आ जाने से रामगंगा के तटवर्ती ग्राम पहरूआ, मौजमपुर, हरिहरपुर, कुनियां, कीलापुर, मदुरा, दहेलिया, मई खुर्द कलां आदि गांवों की ओर बढ़ रहा है। प्रशासन द्वारा बनाई गईं बाढ़ चौकियों पर अभी तक कोई कर्मचारी नहीं पहुंचने से ग्रामीणों को बाढ़ की साही जानकारी भी नहीं मिल पा रही है।
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ग्रामीणों ने डीएम को बताई जलभराव की समस्या
मिर्जापुर। कस्बे के ग्रामीणों ने बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण कर लौट रहे डीएम त्रिपाठी को रोककर जलभराव की सामस्या बताईं। सत्यकिशोर गुप्ता, छोटे, सत्यवती, श्रीकृष्ण, सुधीर गुप्ता आदि ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि कलान के तहसीलदार राम औतार वर्मा ने बरसात के पानी के निकास के लिए लाखों की लागत से बने मुरादाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे के इंटरलाकिंग फुटपाथ को खुदवाकर कच्चा नाला बनवा दिया। जिससे आम आदमी को परेशानी होने के साथ ही लोक निर्माण विभाग को क्षति हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि फुटपाथ पर बनाए गए कच्चे नाले से हाईवे के धंस कर टूटने तथा पुराने भवनों के ढह जाने का खतरा बढ़ गया है। डीएम ने शीघ्र ही समस्या के निदान का आश्वासन दिया।
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फोटो-26 में।
कच्चे रास्ते के कीचड़ में फंसी डीएम की गाड़ी
निरीक्षण के लिए डीएम त्रिपाठी परौर से खड़ंजा मार्ग पर रामगंगा की ओर बढ़े तो नदी तट से करीब 100 मीटर पहले उनकी गाड़ी कच्चे रास्ते पर कीचड़ में फंस गई। दरअसल, गांव से रामगंगा तट पर बनाई गई ठोकरों तक जाने के लिए खड़ंजा स्वीकृत हुआ, लेकिन जहां से कटान शुरू होता है, वहां पर करीब 100 मीटर सड़क पर निर्माण कार्य नहीं हुआ। इसी कारण नदी तट की ओर कच्चे रास्ते पर बढ़ते ही डीएम की गाड़ी कीचड़ में धंस गई, जिसे ग्रामीणों ने मशक्कत कर बाहर निकाला। इस बीच, डीएम और एसपी पैंट समेटकर नंगे पांव आगे बढ़े तो कई बार उन्हें उनके अर्दली ने सहारा देकर फिसलने से बचाया।