शाहजहांपुर। आयुर्वेद के प्रवर्तक भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य दिवस मंगलवार को श्रद्धाभाव से मनाया गया। इंडियन इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (आईआईएमए) और संकल्प संस्था के संयुक्त तत्वावधान में खिरनीबाग में हवन पूजन से जयंती समारोह का शुभारंभ हुआ। धन्वंतरि जयंती पर जुटे लोगों ने सभी के आरोग्य और स्वास्थ्य की कामना कर यज्ञ में आहुतियां दीं।
हवन पूजन के बाद हुई गोष्ठी में संकल्प संस्थाध्यक्ष डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि समस्त प्राणियों के संपूर्ण स्वास्थ्य और प्रसन्नता का मर्म आयुर्वेद में छिपा है। आयुर्वेद के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक स्वरूप के कारण ही पूरा विश्व आयुर्वेद को अपना रहा है। आईआईएमए के अध्यक्ष परवेज अख्तर ने कहा कि भगवान धन्वंतरि द्वारा संपूर्ण मानवजाति को स्वास्थ्य रूपी जो कृपा प्रसाद दिया गया है, वह अद्वितीय है। हमें आयुर्वेद के कृतज्ञता अर्पित करनी चाहिए। योग विज्ञान संस्था के जिला प्रभारी डॉ. अवधेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय जीवन विज्ञान आयुर्वेद के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक है, जितने हजारों वर्ष पहलेे थे। योग, प्राकृतिक चिकित्सा, चुंबक चिकित्सा, मर्म चिकित्सा, प्राण चिकित्सा आयुर्वेद के ही अंग हैं। इस अवसर पर त्रिलोकीनाथ पांडेय, डॉ. मृदुल कुमार, डॉ. हरचरन दुआ, श्रवण कुमार मिश्रा, डॉ. एसके मिश्रा, डॉ. आरपी सक्सेना, डॉ. मसरूर अहमद आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व श्री दैवी संपद ब्रह्मचर्य संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य डॉ. सत्येंद्र पाठक, डॉ. हरीनाथ झा, अनय कुमार शर्मा आदि ने मंत्रोच्चार के साथ हवन पूजन कराया। समापन पर प्रसाद वितरित किया गया।