उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की नाट्य कार्यशाला का शुभारंभ करते अतिथि। स्रोत: आयोजक
शाहजहांपुर। नई प्रतिभाओं को रंगकर्म की बारीकियां सिखाने के उद्देश्य से 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन नाट्य कार्यशाला की सत्यपाल सिंह महाविद्यालय में शुरुआत हो गई है।
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी (संस्कृति विभाग) व एमएलआर थिएटर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में नाद प्रवाह के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि कृभको फर्टिलाइजर्स के यूनिट हेड विजय बांगर ने दीप जलाकर किया। अकादमी की ओर से कार्यशाला प्रशिक्षक की जिम्मेदारी वरिष्ठ नाट्य निर्देशक आलोक सक्सेना को सौंपी गई।
उन्होंने कहा कि कार्यशाला में प्रतिभागियों को अभिनय तकनीक, बॉडी मूवमेंट, वॉइस एवं स्पीच, इम्प्रोवाइजेशन व मंच अनुशासन से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। विशिष्ट अतिथि सुदेश बांगर ने कहा कि रंगमंच प्रशिक्षण एक तपस्या है जिससे प्रशिक्षार्थी मंच और वास्तविक जीवन में उत्कृष्टता पा सकता है।
सह प्रबंधक कृभको जेपी श्रीवास्तव, आयोजक समिति के सौमित्र शुक्ला, सौमित्र शुक्ला, अजीत सिंह, विभोर ठाकुर, रोहित, जितेंद्रवीर सिंह, मिहिर राणा, अरुंधति देव, प्रवेश दिवाकर, मुईन सफदर आदि का सहयोग रहा।