पुवायां (शाहजहांपुर)।
दो वर्षीय हनी सिंह के दिल में छेद है। बुधवार को पीजीआई में उसका ऑपरेशन होना हैै, लेकिन मजदूर पिता के पास दो लाख रुपये नहीं हैं, जिससे वह अपने कलेजे के टुकड़े का इलाज करा सकें। मदद के लिए मुख्यमंत्री को फाइल भेजी गई है, लेकिन अब तक इलाज के लिए धनराशि मंजूर होने की कोई जानकारी नहीं मिली है। परेशान पिता दर-दर भटक रहा है।
गांव जेवां निवासी वीरेश सिंह भूमिहीन हैं। उनका नाम बीपीएल सूची में दर्ज है। वह मजदूरी कर परिवार की गुजर करते हैं। वीरेश की तीन वर्षीय पुत्री अन्नू और दो वर्ष का पुत्र हनी सिंह हैं। हनी जब सात माह का था तब बीमार होने पर पता चला कि उसके दिल में छेद है और इसका इलाज सिर्फ ऑपरेशन है। गरीबी के कारण वीरेश पुत्र का इलाज नहीं करा सके और बच्चे की हालत बिगड़ती चली गई।
गांव जेवां के ही वरिष्ठ भाजपा नेता बलवीर सिंह ने वीरेश की मदद की। उनकी मदद से वीरेश के पुत्र के इलाज के लिए मुख्यमंत्री से सहायता की गुहार की गई और फाइल तमाम स्तरों से जांच के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच गई। बलवीर सिंह के प्रयास से संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना की सिफारिश पर हनी सिंह को पीजीआई लखनऊ में 17 मई को भर्ती कर लिया गया। पीजीआई में बीपीएल श्रेणी के रोगियों को इलाज की सुविधा है, लेकिन वीरेश को बताया गया कि वह साइट इस समय बंद होने के कारण उसका आवेदन नहीं हो सकता है। कर्ज आदि लेकर वीरेश अब तक लगभग 17 हजार रुपये पीजीआई में जमा कर चुके हैं। ऑपरेशन के लिए अस्पताल ने दो लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर वीरेश को दिया और रकम जमा करने को कहा है। बुधवार तक उसका ऑपरेशन होना है, लेकिन रुपये की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। वीरेश का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री कार्यालय गई फाइल पर धनराशि स्वीकृति हो जाये तो पुत्र का ऑपरेशन हो सकता है।
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पहल संस्था मदद में जुटी
सामाजिक संस्था पहल के अध्यक्ष अभिषेक डैनियल सहित तमाम सदस्य वीरेश की मदद में जुट गए हैं। संस्था के सदस्य लोगों से वीरेश को चंदा देने की अपील कर रहे हैं। इसके लिए शनिवार को पुवायां में तमाम लोगों से संपर्क किया गया। संस्था के लोग संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, जिलाधिकारी से भी मिलकर मदद की गुहार करेंगे। संस्था के लोगों ने सभी से वीरेश का सहयोग करने की अपील की है।