...गुलाब के फूलों की खुशबू से महकेगी जेल रोड
जिला कारागार के बाहर सड़क किनारे जमीन पर हुई बागवानी
गेंदा और टिकोमा के पीले फूल बिखेरेंगे अपनी अनुपम छटा
फोटो-11
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। जिला कारागार के बाहर चहारदिवारी के पास रोड किनारे बागवानी की गई है। इसमें गुलाब आदि कई तरह के पौधे लगाए गए हैं, जो अपनी खुशबू बिखेरेंगे। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस बागवानी को यूं नहीं छोड़ दिया गया। यहां लगाए गए पौधों की बाकायदा देखभाल की जाती है और इसके लिए एक कर्मचारी को रखा गया है, जिसे उसकी जरूरत के हिसाब हर आर्थिक मदद भी मुहैया कराई जाती है। इसके अलावा दीवार पर पेंटिंग बनाकर इसे सुंदर बनाया जा रहा है।
चूंकि जेल में अपराधी बंद हैं, इसलिए इस रूट से गुजरने वाले हर अच्छे व्यक्ति के मन में जिला कारागार की ओर देखकर अपराधियों के प्रति घृणा की भावना का बोध होता है, हालांकि यहां बंद हर बंदी पेशेवर अपराधी नहीं है, कुछ ऐसे भी हैं जो परिस्थितिजन्य अपराध में बंद है, लिहाजा अपराधियों के प्रति घृणा का भाव न आने पाए और मन खुश रहे इसलिए भी बागवानी की गई है। जब पौध तैयार होगी और यहां खिलने वाले गुलाब के फूल दूर तक अपनी खुशबू बिखेरेंगे तो उसका एक अलग ही एहसास होगा, गेंदा के पीले, लाल फूल और टिकोमा के पीले फूलों की भी अपनी एक अलग छटा दिखाई देगी। गेंदा, गुलाब, टिकोमा आदि प्रजाति के करीब 1600 पौधे लगाए गए हैं। हर शख्स के अंदर एक सकारात्मक रुख का भाव हो और जेल के आसपास सुंदरता का वातावरण हो, इसलिए बागवानी के लिए शहर व्यापारी पंकज टंडन, महेंद्र खंडेलवाल, राजभूषण जौहरी ने बीड़ा उठाया और यह संभव हुआ जेल अधीक्षक राकेश कुमार के सहयोग से।
बांसशोधन के लिए हुआ सुंदरकांठ पाठ
बांसों का शोधन करने के लिए जिला कारागार में सामूहिक रूप से सुंदरकांठ का पाठ किया गया, जिसमें आयोजक व अधिकारियों और बंदियों ने सामूहिक रूप से सुंदरकांठ की चौपाई गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
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15 अगस्त को मिली प्रेरणा
बागवानी में मुख्य भूमिका निभाने वाले पंकज टंडन 15 अगस्त को जिला कारागार में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने गए, तब उन्हें इस खाली पड़ी जमीन पर बागवानी करने का विचार आया और जेल अधीक्षक राकेश कुमार से इस पर चर्चा की तो बात आगे बढ़ गई। इसके बाद इसे मूर्त रूप दिया गया।
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कुछ लोगों के सहयोग से यह सराहनीय प्रयास किया गया है। इसकी देखभाल की भी व्यवस्था की गई है। जेल का बाहर से वातावरण भी लोगों को कई मायने में प्रेरणा देगा।
राकेश कुमार, जेल अधीक्षक