सरकारी क्षेत्र केे उपक्रम भारत संचार निगम लिमिटेड ने अपने थ्री जी नेटवर्क को फोर जी में अप ग्रेड करने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए सभी बेस टर्मिनल स्टेशन (बीटीएस) के टावरों की मशीनरी में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। अगले माह तक जिले के करीब 1.53 लाख बीएसएनएल उपभोक्ताओं को फोर जी सेवा का लाभ मिलने लगेगा।
प्राइवेट कंपनियों के नेटवर्क से प्रतिस्पर्धा के लिए संचार मंत्रालय के निर्देश पर बीएसएनएल नेटवर्क को आगामी 15 सितंबर तक फोर जी सेवाएं देने लायक बनाने की तैयारी की जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में इस योजना के लिए प्रदेश के 23 जिलों का चयन किया गया है और उनमें बरेली मंडल के जनपद भी शामिल हैं।
1.53 लाख उपभोक्ताओं को फोर जी का मिलेगा सीधा लाभ
बीएसएनएल की फोर जी सेवाओं का सीधा लाभ 1.50 लाख प्रीपेड और करीब 1000 पोस्ट पेड उपभोक्ताओं समेत ब्रॉड बैंड के लगभग 2000 उपभोक्ताओं को मिलेगा। इंटरनेट से कनेक्ट होना आसान हो जाएगा और स्पीड भी अच्छी मिलेगी। नेट पर कोई फिल्म अथवा टीवी सीरियल देखते वक्त रुकावट से झुंझलाहट नहीं होगी। कंप्यूटरों पर नेटवर्किंग आसान होगी और फोन डेड होने की शिकायतें थम जाएंगी।
कई कारणों से बहुधा बंद रहते हैं ग्रामीण अंचल के बीटीएस
बीएसएनएल ने संचार सेवाएं सुचारु रखने के लिए शहर एवं ग्रामीण अंचल में विभिन्न स्थानों पर 153 बीटीएस स्थापित कराए हैं। इन्हें संचालित करने को पावर सप्लाई कनेक्शन के साथ बिजली नहीं होने की दशा में डीजल भी उपलब्ध कराया जाता है। विभिन्न कारणों से ग्रामीण अंचल के बीटीएस बंद रहते हैं जिन पर अंकुश लगाया जायेगा।
फोर जी नेटवर्क की अधिकांश तैयारी कर ली गई है। सभी बीटीएस अपग्रेड किए जा चुके हैं, लेकिन विभाग के उच्चाधिकारियों ने यह सेवा शुरू करने की अभी तारीख तय नहीं की है।
-सौरभ मिश्रा, जिला प्रबंधक (दूरसंचार), बीएसएनएल