रामगंगा का कहर: कुनिया शाह नजीरपुर, हरिहरपुर से ग्रामीणों का पलायन
ग्रामीणों ने सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाना शुरू किया गृहस्थी का सामान
भैंसार बांध पर गंगा का जल स्थिर, रामगंगा से कटान रोकना बनी चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/मिर्जापुर/परौर।रामगंगा की बाढ़ ग्राम कुनिया शाह नजीरपुर और हरिहरपुर में कहर बरपा रही है। भू-कटाव के भय से कई लोग गांव से पलायन कर गए हैं। जबकि सिंचाई विभाग का अमला भू-कटाव रोकने के नाम पर ईंट के टुकड़े बोरियों में भरवाकर नदी में बहा रहा है। कुनियां शाह नजीरपुर गांव में भू कटाव करती रामगंगा नदी रामचंद्र सिंह परमार, बृजेश कुमार, अवधेश सिंह आदि के दरवाजों तक पहुंच गई है। इससे भयभीत ग्रामीण घर छोड़कर पलायन कर गए हैं। नदी कुनिया और हरिहरपुर गांव के बीच कृषि योग्य भूमि के साथ ही जंगबहादुर सिंह के बाग को भी निगल रही है। खास यह है कि नदी में बोरियां डालने का कार्य ग्रामीणों की देखरेख में गांव के ही लोग कर रहे हैं, विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर आने की जरूरत नहीं समझ रहा। ग्रामीण भी बरसात के मौसम में घर बैठे अच्छी मजदूरी मिलने से खुश हैं।
कलान तहसील में भैंसार बांध पर गंगा का जल स्तर मंगलवार को 142.75 मीटर पर स्थिर रहा, लेकिन रामगंगा लगातार बढ़ रही है और उससे हो रहे कृषि भूमि के कटान को रोकना सिंचाई विभाग के लिए चुनौती बन गई है। मिर्जापुर और परौर क्षेत्र के आजादनगर, इस्लामनगर, पहरुआ आदि कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीण रामगंगा से कटान रोकने में खुद को असहाय पा रहे हैं। उन्होंने गृहस्थी का सामान सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। इस बीच, बैराजों से पानी की निकासी बढ़कर 1.50 लाख क्यूसेक हो जाने से अगले 24 घंटे में नदियों का जल स्तर बढ़ना तय माना जा रहा है।
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परौर में रामगंगा से हर साल बढ़ रहा भूमि का कटान
परौर क्षेत्र के लाग गत कई वर्ष से मानसून सीजन में बाढ़ का सामना करने को अभिशप्त हैं। उनके लिए यह समस्या नई नहीं है और सिंचाई विभाग भी इसे बखूबी जानता है। इसके बावजूद बाढ़ की रोकथाम का सिर्फ दिखावा होता रहा, कोई ठोस प्रयास नहीं हुए। यही कारण है कि हर साल बाढ़ग्रस्त नदियों से तटवर्ती गांवों में होने वाले नुकसान का दायरा भी बढ़ रहा है। कटान को रोकने संबंधी गतिविधियों की शुरुआत गत अप्रैल से हुई थी। ठोकरों का निर्माण होता रहा, लेकिन उस तरफ जाने वाले मार्ग के निर्माण पर ध्यान नहीं दिया गया। नदियों में हिलारे ले रहे पानी के दबाव से ठोकरें क्षतिग्रस्त होने की दशा में उनकी मरम्मत के लिए बोल्डर और वायर तार का सामान लेकर नदी तट तक पहुंचना कठिन हो जाएगा। हाल यह है कि जहां तक सामान ट्रक-ट्राली से पहुंच सकता था, वहां बैलगाड़ी से भेजा जा रहा है।
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डीएम ने दहेलिया में रामगंगा से कटान का किया निरीक्षण
डीएम अमृत त्रिपाठी और एसपी ड़ॉ एस चन्नप्पा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र मिर्जापुर में बाढ़ दहेलिया गांव जाकर रामगंगा से हो रहे भूमि कटान का निरीक्षण किया। ग्रामीणों की मांग पर डीएम ने शारदा नहर खंड के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा को रोड पर हो रहे रामगंगा की बाढ़ के पार जाने के लिए पुलिया निर्मित कराने के साथ पांच नावों की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ.आरपी रावत,एसडीएम चंद्र प्रकाश सरोज और सीवीओ को प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं के पैकेट वितरित कराने के निर्देश दिए।