शाहजहांपुर। थाना मिर्जापुर क्षेत्र के बानगांव में दस दिन पहले संदिग्ध हालात में आग से झुलसे युवक की रविवार तड़के 3:58 बजे जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मां गंगाश्री को सौंप दिया है। इकलौते बेटे की मौत से गंगाश्री का सहारा छिन गया।
थाना मिर्जापुर क्षेत्र के बानगांव निवासी 30 वर्षीय बाबूराम 26 जनवरी को सुबह चार बजे संदिग्ध हालात में मकान के अंदर कमरे में गंभीर रूप से आग से झुलस गया था। पड़ोस के कमरे में सो रही मां गंगाश्री चीख-पुकार सुनकर बेटे के पास पहुंची तो वह गंभीर रूप से झुलस चुका था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार तड़के 3:58 बजे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। बेटे की मौत पर गंगाश्री का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके लिए बेटा बाबूराम ही सहारा था, अब बेटे की मौत के बाद वह अकेली रह गई है। छोटे बेटे मेवाराम की चौदह वर्ष पहले झगड़े के दौरान एक व्यक्ति ने दीवार से सिर टकराकर हत्या कर दी थी। इस घटना के चार वर्ष बाद पति गंगासहाय की भी बीमारी के कारण मौत हो गई। जलालाबाद क्षेत्र से आए दूर के रिश्तेदारों ने गंगाश्री को सहारा देकर पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव पहुंचवाया। बाबूराम के चेहरे और सिर को छोड़कर बाकी हिस्सा बुरी तरह से झुलस गया था। बेटे के झुलस जाने के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पाने पर पुलिस ने मामले को खुद आगजनी मानते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया।