पुवायां (शाहजहांपुर)। फिल्म अभिनेता राजपाल यादव पद्मावती फिल्म को लेकर दी जा रही धमकियों और हिंसात्मक घटनाओं को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी छीननी ठीक नहीं है।
अपनी पुत्री की शादी के लिए पैतृक गांव कुड़रा आए राजपाल यादव ने रविवार को अमर उजाला से कहा कि उन्होंने अभी तक पद्मावती फिल्म नहीं देखी है, जिस कारण इस पर कोई टिप्पणी करना बेमानी होगा, लेकिन फिल्म के डॉयरेक्टर संजय लीला भंसाली से मारपीट, धमकियां ठीक नहीं हैं। यदि कुछ ठीक नहीं लग रहा है तो सुझाव देकर समस्या का समाधान कराया जा सकता है। किसी को धमकी देकर नहीं दिल से जीतो। रियल जिंदगी में जो होता है, लेकिन होता है। गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर कहा कि इसको तत्काल बंद किया जाना चाहिए। सच्ची गोरक्षा यह है कि सड़कों पर घूम रही गायों की रक्षा करें। नागरिकों के साथ ही सरकार भी इस ओर प्रयास करें। यमुना नदी के किनारे खाली पड़ी तमाम भूमि पर गोशाला का निर्माण हो। इससे प्रदेश में दूध की नदियां बहने लगेंगी और पशुपालक समृद्ध होंगे। गोरक्षा के नाम पर हिंसा कायरता है। प्रधानमंत्री ने गोरक्षा के नाम पर हिंसा की निंदा की है, जिसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। राजपाल यादव ने कहा कि उनके भाई ने हरियाणा में पांच गायें खरीदी हैं, लेकिन कथित गोरक्षकों के डर से कोई भी वाहन चालक गायों को लाने को तैयार नहीं है।
अपने कैरियर के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी जुड़वा टू फिल्म वर्ष 2017 में अब तक टॉप थ्री फिल्मों में शामिल है। उन्होंने कहा फिल्मी दुनिया में कलाकार को 40 के बाद जवान कहा जाता है। उनकी जवानी का दौर अब शुरू हुआ है। अगले तीन वर्ष में वह तमाम बड़ी फिल्मों में दिखेंगे। उनकी कुटुंब द फैमिली फिल्म नदिया के पार के बाद दूसरी पारिवारिक फिल्म है जो दर्शकों की आंखों में आंसू ला देती है। भाई को फिल्म में मौका देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति बिना प्रतिभा के किसी को आगे नहीं बढ़ा सकता। भाई को अपनी प्रतिभा के बूते फिल्म मिली है।