तिलहर (शाहजहांपुर)। नर्सिंग की 14 छात्राएं वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज छोड़कर परिजन के साथ अपना सामान लेकर घर चली गईं। उधर, छत से कूदने वाली छात्रा कल्पना का उसी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। डॉक्टर के मुताबिक उसके कूल्हे में फ्रैक्चर है। शुक्रवार को भाजपा नेता समेत कई लोग पीड़ित छात्रा को देखने मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
तिलहर इलाके में बंथरा के पास नेशनल हाईवे किनारे स्थित वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज में 10 अगस्त को बीएससी नर्सिंग की छात्रा कल्पना श्रीवास्तव ने पहली मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। छात्रा का आरोप है कि उसे केवल पांच हजार रुपये दिए जा रहे हैं, हेल्थ इंश्योरेंस भी नहीं है और जबरन कोविड 19 अस्पताल में ड्यूटी कराई जा रही थी। इसको लेकर कल्पना ने छलांग लगाने से पहले कॉलेज प्रशासन के खिलाफ वीडियो बनाकर भी सोशल मीडिया पर वायरल किया था। इस घटना का पता लगने पर छात्रा कल्पना की मां लज्जावती, भाई सूरज कुमार श्रीवास्तव और कई रिश्तेदार मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। बुधवार को पुलिस ने लज्जावती की ओर से मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके शुक्ला, एमएस केजी पाल और डॉ. राकेश आर्य के खिलाफ धारा 342 और 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। हालांकि पीड़ित छात्रा की मां लज्जावती का कहना है कि उनसे इलाज की औपचारिकता के नाम पर सादा कागज पर दस्तखत करा लिए थे, जिस पर मनमाने तरीके से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। उनकी ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई थी। इस घटना के बाद से ही कल्पना के साथ की छात्राएं दहशत में थीं। उसके साथ की 14 लड़कियों ने भी कॉलेज प्रशासन पर कई आरोप लगाए थे। साथ ही कॉलेज छोड़ने का ऐलान कर दिया था। मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा गार्ड राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि 14 लड़कियां अपना सामान लेकर परिजन के साथ चली गईं। इनमें छह-सात लड़कियां बृहस्पतिवार को गई थीं, बाकी शुक्रवार को चली गईं।
दर्द से परेशान है कल्पना, लापरवाही का आरोप
तिलहर। वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शुक्रवार को वहां भर्ती कल्पना श्रीवास्तव से मिलने की सभी को छूट दे दी। परिजन का कहना है कि डॉक्टर ने कल्पना के कूल्हे में फ्रैक्चर बताया है। वह चार दिन से बेड पर सीधी लेटी है। डॉक्टरों ने उसके कमर में सेफ्टी बेल्ट बांध रखी है। वह उठने बैठने में असमर्थ है। दवाएं ग्लूकोज के जरिये दी जा रही हैं। दर्द उठने पर कल्पना परेशान हो जाती है। ज्यादातर समय बेसुध पड़ी रहती है। उसकी तामीरदारी में माता-पिता, भाई के अलावा बड़ी बहन शीलू और बहनोई विनीत भी लगे हैं। विनीत ने बताया कि वह दो दिन से मेडिकल कॉलेज में हैं। वहां कोई खास देखभाल नहीं कर रहा है। शुक्रवार सुबह डॉक्टर देखने आए थे, उसके बाद दिन में कोई नहीं आया। कल्पना को बेहतर इलाज की आवश्यकता है।
डॉक्टर ने नकारा लापरवाही का आरोप
वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज के डॉ. अदीम फारुख ने बताया कि कल्पना का कूल्हा फ्रैक्चर हुआ है। इस स्थान पर प्लास्टर नहीं चढ़ाया जा सकता है। उसको बेल्ट बांधी गई है और लगातार दवाइयां दी जा रही हैं। लगभग डेढ़ माह तक सीधे लेटे रहने के बाद हड्डी जुड़ जाएगी। घबराने की कोई बात नहीं है। यहां ठीक प्रकार से देखभाल की जा रही है। लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह गलत हैं।
अभाविप ने मेडिकल कॉलेज और प्रशासन का पुतला फूंका
शाहजहांपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को खिरनी बाग चौराहे पर वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और जिला प्रशासन का पुतला जलाकर नारेबाजी की। इस दौरान अभाविप के जिला सह संयोजक धीरेंद्र ने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के प्रताड़ित करने से नर्सिंग की छात्रा ने छत से कूदकर आत्महत्या की कोशिश की थी। आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज में पीड़ित छात्रा का ठीक से इलाज नहीं किया जा रहा है। जिला प्रशासन और मेडिकल कॉलेज की मिलीभगत के चलते छात्राओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से ढुलमुल रवैया छोड़कर छात्रा का दूसरे किसी अच्छे अस्पताल में इलाज कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पारस सक्सेना, मुदित त्रिवेदी, शिवम सिंह, वैभव सक्सेना, यश सक्सेना, अनुज जौहरी आदि मौजूद रहे।