प्रेशर पाइप फटने से रास्ते में नहीं रुकेगी ट्रेन
सभी पायलटों को तीन-तीन मीटर तार उपलब्ध कराया
कोहरे में दुर्घटनाओं के मद्देनजर रेलवे ने लिया निर्णय
महेंद्र मिश्रा
रोजा(शाहजहंापुर)। मामूली हादसे में भी प्रेशर पाइप फटने के बाद अब रेल गाड़ी रास्ते में खड़ी नहीं होगी। कोहरे के दौरान ट्रेनों से पशुओं के टकराने समेत अन्य मामलों में प्रेशर पाइप फटने पर इसे जोडने के तार रेलवे के लोको पायलट साथ लेकर चलेंगे। रेलवे ने सभी लोको पायलट को इसके लिए तीन-तीन मीटर लोहे का तार उपलब्ध कराया है। यह निर्णय मंडल मुख्यालय से लिया गया है।
ट्रेनों से जानवरों के टकराने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। इस तरह की घटनाओं में ज्यादातर प्रेशर पाइप फट जाता है। इससे ब्रेक काम बंद कर देते हैं और ट्रेन को रोक दिया जाता है। ट्रेन लेट होने के साथ ही यात्रियों को भी समस्या होती है। कोहरे के मौसम में ऐसी घटनाएं बढ़ जाती हैं। रोजा जंक्शन पर रेलगाड़ियों का स्टाफ बदला जाता है। यहां मालगाड़ी के 159 लोको पायलट हैं। इसके साथ ही मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के 23 और पैसेंजर रेलगाडिय़ों के 19 लोको पायलट भी रोजा जंक्शन से ड्यूटी पकड़ते हैं। इन सभी को आपात स्थिति में प्रेशर पाइप जोड़ने के लिए तीन-तीन मीटर तार उपलब्ध कराया गया है। निर्देशित किया गया है कि कोई भी लोको पायलट बिना तार के ड्यूटी पर नहीं जाएगा। सहायक लोको पायलट की जिम्मेदारी होगी कि वह ट्रेन चलने से पहले यह चेक करेगा कि पायलट के पास प्रेशर पाइप जोड़ने के लिए तार है या नहीं। अगर रास्ते में कहीं पर ट्रेन का प्रेशर पाइप फटता है तो लोको पायलट और सह लोको पायलट इसी लोहे के तार के जरिए उसे जोड़कर ट्रेन अगले स्टेशन तक ले जाएंगे।
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वर्जन-
सभी पायलट को लोहे का तार बांटा जा रहा है। प्रेशर पाइप फटने की दशा में इसी तार के जरिए पाइप को बांध कर जोड़ाना होगा। इससे ब्रेक ठप होने से रेलगाड़ी रास्ते में खड़ी नहीं होगी।
-जेपी सिंह, स्टेशन अधीक्षक रोजा जंक्शन